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Bike Ambulance: कोरोना संकट में युवक ने बाइक को बनाया एंबुलेंस, लोगों को फ्री में पहुंचा रहा अस्पताल

Thu, 29 Apr 2021 01:36 PM IST
दीप्ति मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धार

सार

कोरोना काल में मध्यप्रदेश के धार के एक युवा इंजीनियर ने कमाल कर दिया है। आपदा को अवसर में बदलते हुए इंजीनियर अजीज खान ने एक ऐसी बाइक एंबुलेंस तैयार की है, जो महामारी के इस दौर में लोगों के लिए मददगार साबित होगी।
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बाइक एंबुलेंस - फोटो : Social Media
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कोरोना काल में मध्यप्रदेश के धार के एक युवा इंजीनियर ने कमाल कर दिया है। आपदा को अवसर में बदलते हुए इंजीनियर अजीज खान ने एक ऐसी बाइक एंबुलेंस तैयार की है, जो महामारी के इस दौर में लोगों के लिए मददगार साबित होगी। अब वह जल्द ही जिला अस्पताल को यह बाइक एंबुलेंस फ्री में भेंट करेंगे ताकि जरूरतमंदों को समय पर इलाज मिल सके और उनकी जान बच सके।

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अजीज ने महज दो दिनों में इस बाइक एंबुलेंस को तैयार किया है। इसकी खास बात ये है कि किसी भी मरीज को ऑक्सीजन लगाकर इसे एक जगह से दूसरी जगल ले जाया जा सकता है। मरीज के साथ एक दूसरे शख्स को भी बाइक एंबुलेंस में आसानी से बिठाया जा सकता है, जो मरीज की देखभाल कर सके। इसमें दवाइयाें से लेकर 25 किलाे का ऑक्सीजन सिलेंडर लगा है। इसे ले जाने वालों काे ऑक्सीजन सिलेंडर में फिर से गैस भरवाना हाेती है। इससे अब तक आठ लाेगों काे नई जिंदगी मिली है।

ऐसे आया बाइक एंबुलेंस बनाने का ख्याल
वर्ष 2006 से पहले वे शहर के पाॅलीटेक्निक काॅलेज में प्रोफेसर थे। वर्ष 2006 में उन्होंने खुद का उद्याेग डाला। अजीज बताते हैं कि सुविधाओं के अभाव में जानें जा रही है। इसी बीच उनके पास एक एंबुलेंस का बिल आया, जिसमें मरीज काे ले जाने का शुल्क दस हजार रुपये था। तब उनके मन में बाइक एंबुलेंस बनाने ख्याल आया। अजीज ने पहले इंटरनेट से एंबुलेंस में हाेने वाली सुविधाओं की जानकारी जुटाई। फिर एंबुलेंस बनानी शुरू की।

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ऐसे बनाई बाइक एंबुलेंस

इस बाइक एंबुलेंस को बनाने में अजीज ने पुराने कल पुर्जों का इस्तेमाल किया है। बाइक के दो टायर इकट्ठा किए। फिर लोहे की एक फेम बनाई, जिस पर एक सीट लगाई गई है ताकि मरीज आराम से लेट सके। इसके साथ ही एक सिलेंडर लगाया गया, जिससे मरीज को ऑक्सीजन मिल सके। फिर इसे बाइक के साथ अटैच करने के लिए एक एंगल का उपयोग किया गया है, जिसे जोड़कर आसानी से एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जा सके। एंबुलेंस निर्माण की लागत 30 हजार रुपये आई। 
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