शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मध्यप्रदेश पहुंचे। जहां पीएम ने राजगढ़ में 4 हजार करोड़ रुपए की लागत की मोहनपुरा वृहद सिंचाई परियोजना का लोकार्पण किया। साथ ही उन्होंने यहां तीन पेयजल परियोजनाओं का भी शिलान्यास किया।
पढ़ें प्रधानमंत्री का पूरा भाषण
जून महीने की इस भयानक गर्मी में आप सभी का इतनी बड़ी संख्या में आना मेरे व हम सभी साथियों के लिए एक बहुत बड़ा आशीर्वाद है। आपके इस स्नेह के आगे मैं सिर झुका करके नमन करता हूं। आपकी यही ऊर्जा, यही आशीर्वाद भारतीय जनता पार्टी के हर कार्यकर्ता को आपकी सेवा करने के लिए नित्य नूतन प्रेरणा देता रहता है। ये मेरा सौभाग्य है कि मुझे आज 4 हजार करोड़ रुपए की मोहनपुरा सिंचाई परियोजना के लोकार्पण के साथ-साथ पानी की तीन बड़ी परियोजनाओं की शुरुआत करने का भी अवसर मिला।
इन सिंचाई परियोजनाओं से जुड़े हर व्यक्ति को, अपने सिर पर ईंट उठाने वाले महानभावों को, तसला उठाने वाली माताओं-बहनों व भाइयों को, फावड़ा चलाने वालों को, छोटी-छोटी मशीनों से ले करके बड़े-बड़े यंत्र चलाने वाले को मैं इस सफलता के लिए प्रणाम करता हूं, उनका मैं अभिनंदन करता हूं। गर्मी हो या बरसात राष्ट्र निर्माण के जिस पुण्य कार्य में वे जुटे हैं, वो अतुलनीय है। मेरे प्यारे भाइयो-बहनों, बटन दबाकर लोकार्पण करना एक महज औपचारिकता है लेकिन इन परियोजनाओं का असली लोकार्पण तो आपके पसीने से हुआ है, आपके श्रम से हुआ है। आपके पसीने की महक से ये महक उठा है। आप जैसे करोड़ों लोगों के इसी श्रम से, इसी आशीर्वाद की वजह से केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने सफलतापूर्वक जनसेवा करते-करते, एक के बाद एक जनकल्याण के फैसले लेते-लेते चार वर्ष की यात्रा पूर्ण की है।
इतनी बड़ी संख्या में आपका आना इस बात की गवाही दे रहा है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर और उसकी नीतियों पर आपका कितना विश्वास है। जो लोग देश में भ्रम फैलाने में लगे हैं, झूठ फैलाने में लगे हैं, निराशा फैलाने में लगे हैं, वो जमीनी सच्चाई से किस तरह कट चुके हैं, आप इसकी साक्षात तस्वीर हैं। ये भी बहुत बड़ा संयोग है कि आज 23 जून को देश के महान सपूत डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि है। 23 जून के दिन कश्मीर में उनकी शंकास्पद मृत्यु हुई थी। आज के इस अवसर पर मैं डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी का पुण्य स्मरण करता हूं, उनको नमन करता हूं, और आदरपूर्वक श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।
भाइयों और बहनों, डॉक्टर मुखर्जी कहा करते थे- कोई भी राष्ट्र सिर्फ अपनी ऊर्जा से ही सुरक्षित रह सकता है। उनका भरोसा था देश के साधनों पर, संसाधनों पर, देश के प्रतिभाशाली लोगों पर। स्वतंत्रता के बाद देश को हताशा से, निराशा से निकालने का उनका विजन आज भी करोड़ों लोगों को प्रेरणा दे रहा है। देश के पहले उद्योग और आपूर्ति मंत्री के तौर पर उन्होंने देश की पहली औद्योगिक नीति बनाई। वे कहते थे- अगर सरकार, देश के शिक्षण संस्थान और औद्योगिक संगठन मिलकर उद्योगों को बढ़ावा देंगे तो देश बहुत जल्द ही आर्थिक तौर पर भी स्वतंत्र हो जाएगा।
शिक्षा से जुड़े क्षेत्र के लिए, महिला सशक्तिकरण के लिए, देश की परमाणु नीति को दिशा देने के लिए उन्होंने जो कार्य किया, जो विचार रखे वो उस दौर की सोच से भी बहुत आगे के थे। देश के विकास में जनभागीदारी का महत्व समझते हुए उन्होंने जो रास्ते सुझाए, वो आज भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। साथियों डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी कहते थे कि शासन का पहला कर्तव्य धनहीन, गृहहीन जनता की सेवा और उनके जीवन स्तर को ऊंचा उठाने का है। यही वजह है कि देश का उद्योग मंत्री बनने से पहले जब वो बंगाल के वित्त मंत्री थे, तब बहुत व्यापक स्तर पर उन्होंने भूमि सुधार का काम किया था। उनका मानना था कि शासन अंग्रेजों की तरह राज करने के लिए नहीं बल्कि नागरिकों के सपने पूरे करने के लिए होना चाहिए।
डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी ने सबसे ज्यादा महत्व शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा को दिया। वो कहते थे कि सरकार को शुरुआती शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक इसके लिए व्यापक सुविधाएं जुटानी चाहिए। युवाओं में छिपी प्रतिभा को निकालने के लिए उचित माहौल बनाया जाना चाहिए ताकि हमारे युवा अपने गांव, अपने नगर की सेवा करने के लिए समर्थ बन सकें। डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन विद्या, वित्त और विकास- इन तीन मूलभूत चिंतन से जुड़ी धाराओं का संगम था।
ये हमारे देश का दुर्भाग्य रहा है कि एक परिवार का महिमामंडन करने के लिए देश के अनेक सपूतों को और उनके योगदान को जानबूझ करके छोटा कर दिया गया, भुला देने के भरपूर प्रयास किए गए। साथियों, आज केंद्र हो या फिर देश के किसी भी राज्य में चलने वाली भारतीय जनता पार्टी की सरकार हो, डॉक्टर मुखर्जी के विजन से अलग नहीं है। चाहे युवाओं के लिए स्किल इंडिया मिशन हो, स्टार्ट अप योजना हो, स्वरोजगार के लिए बिना बैंक गारंटी कर्ज देने की सुविधा देने वाली मुद्रा योजना हो या फिर मेक इन इंडिया हो, इनमें आपको डॉक्टर मुखर्जी के विचारों की झलक मिलेगी।
आपका ये राजगढ़ जिला भी अब इसी विजन के साथ पिछड़े होने की अपनी पहचान को छोड़ने जा रहा है। सरकार ने इसे आकांक्षी जिलों के तौर पर विकसित करने का फैसला लिया है। आपके जिले में अब स्वास्थ्य, शिक्षा, सफाई, पोषण, जल संरक्षण, कृषि जैसे विषयों पर और तेजी से काम किया जाएगा। इन जिलों के गांवों में अब राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत जरूरी सुविधाओं को पहुंचाने का काम भी किया जा रहा है। सरकार अब ये सुनिश्चित कर रही है कि आने वाले समय में इन जिलों के हर गांव में सभी के पास उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन हो, सौभाग्य योजना के तहत हर घर में बिजली कनेक्शन हो, जनधन योजना के तहत सभी के पास बैंक खाते हों, सभी को सुरक्षा बीमा का कवच हो, इंद्र धनुष योजना के तहत हर गर्भवती महिला और बच्चे का टीकाकरण हो। साथियों, ये कार्य पहले भी हो सकते थे, पहले की सरकारों को किसी ने रोका नहीं था।
लेकिन ये दुर्भाग्य है कि देश पर लंबे समय तक जिस दल ने शासन किया, उन्होंने आप लोगों पर और आपकी मेहनत पर भरोसा नहीं किया था। उसने कभी देश के सामर्थ्य पर भरोसा नहीं किया। आप मुझे बताइए पिछले चार वर्षों में भारत सरकार ने कभी भी निराशा की बात कहीं है? हताशा की बात कहीं है? हम क्या करें ये तो हो सकता है, नहीं हो सकता है। हमने हर बार संकल्प करके अच्छा करने के लिए कदम उठाए हैं, जी-जान से प्रयास किया है। इसलिए भाइयों-बहनों हम हमेशा एक आशा और विश्वास के साथ आगे बढ़ने वाले लोग हैं।
साथियों, हमारी सरकार देश की आवश्यकताओं को समझते हुए, देश के संसाधनों पर भरोसा करते हुए, देश को 21वीं सदी में नई ऊँचाई पर पहुंचाने के लिए वचनबद्ध है और प्रयत्नरत है। बीते चार वर्षों में केंद्र सरकार द्वारा और बीते 13 वर्षो में भारतीय जनता पार्टी की मध्य प्रदेश की सरकार ने गरीबों-पिछड़ों-शोषितों-वंचितों-किसानों को सशक्त करने का काम किया है। पिछले 5 वर्षों में मध्य प्रदेश में कृषि विकास दर सालाना औसतन 18 प्रतिशत रही है, जो देश में सबसे अधिक है। देश में दलहन के कुल उत्पादन की बात हो, तिलहन के कुल उत्पादन की बात हो, चना या सोयाबीन, टमाटर, लहसुन के उत्पादन में मध्य प्रदेश पूरे देश में नंबर एक रहा है। गेंहूं उत्पादन और अरहर, सरसों, आंवला, धनिया इसके उत्पादन में मध्य प्रदेश देश में दूसरे नंबर पर है और एक नंबर के दरवाजे पर दस्तक दे रहा है।