फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रीवा में परमाणु प्लांट पर क्यों भड़के उमंग सिंघार?: ग्रामसभा की मंजूरी से लेकर महिला की मौत तक उठाए सवाल

Mon, 26 Oct 2026 02:23 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल

सार

रीवा के सरई गांव में प्रस्तावित परमाणु बिजलीघर को लेकर उमंग सिंघार ने जमीन अधिग्रहण, ग्रामसभा की कथित फर्जी अनुमति और जल सत्याग्रह में विमला कोल की मौत पर सवाल उठाए। उन्होंने परियोजना की साइट बदलने, मौत की जांच और प्रभावितों को मुआवजा देने की मांग की।
विज्ञापन
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

रीवा के सरई गांव में प्रस्तावित परमाणु बिजलीघर को लेकर मध्यप्रदेश में सियासी विवाद तेज हो गया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने परियोजना की मंजूरी, जमीन अधिग्रहण और स्थानीय लोगों की सहमति पर सवाल उठाते हुए सरकार से साइट बदलने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि परियोजना के नाम पर गरीब आदिवासियों, दलितों और किसानों को विस्थापन का सामना करना पड़ सकता है, जबकि ग्रामीणों के विरोध और जल सत्याग्रह को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा। सोमवार को भोपाल स्थित अपने सरकारी आवास पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए सिंघार ने प्रस्तावित परमाणु बिजलीघर के संभावित स्वास्थ्य और पर्यावरणीय प्रभावों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि परियोजना के लिए आबादी, पर्यावरण और सुरक्षा से जुड़े मानकों का आकलन किस आधार पर किया गया है। हालांकि, कैंसर फैलने संबंधी आशंका सिंघार का आरोप है, इसे परियोजना के प्रभाव का प्रमाणित निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।
विज्ञापन


ग्रामसभा की अनुमति पर उठाए सवाल
सिंघार ने परियोजना के लिए बोरिंग की अनुमति से जुड़े दस्तावेज पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि ग्राम पंचायत की ओर से अनुमति दिए जाने की बात सही नहीं है। उनके मुताबिक, सरपंच कोमल संजय सिंह ने आयुक्त और कलेक्टर को पत्र लिखकर संबंधित दस्तावेज को फर्जी बताया है। सिंघार ने मामले की जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि जब ग्रामसभा ने अनुमति देने से इनकार किया है, तो परियोजना से जुड़ी गतिविधियां किस आधार पर आगे बढ़ाई जा रही हैं। उन्होंने दावा किया कि बिजलीघर के लिए सरकारी जमीन के अतिरिक्त करीब 150 हेक्टेयर निजी जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। सिंघार के अनुसार, ग्रामीण लंबे समय से जल सत्याग्रह कर रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं हो रही। उन्होंने कलेक्टर पर प्रदर्शनकारियों को हटाने की धमकी देने का आरोप भी लगाया।

विमला कोल की मौत पर सरकार से जवाब मांगा
जल सत्याग्रह के दौरान विमला कोल की मौत का मामला उठाते हुए नेता प्रतिपक्ष ने उनके परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की। उन्होंने कहा कि महिला के कई दिनों तक आंदोलन में शामिल रहने की खबरें सामने आई थीं, जबकि कलेक्टर की ओर से मौत को सामान्य बताया जा रहा है। सिंघार ने मुख्यमंत्री से इस मामले में स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने सवाल उठाया कि महिला की मौत और आंदोलन से जुड़े तथ्यों की निष्पक्ष जांच क्यों नहीं कराई जा रही। उन्होंने कहा कि सरकार को प्रशासनिक दावों और सामने आ रही जानकारियों के बीच की स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
विज्ञापन


केन-बेतवा परियोजना के मुआवजे पर भी सवाल
सिंघार ने पन्ना क्षेत्र में केन-बेतवा और मझगांव-रुंज परियोजनाओं से प्रभावित लोगों के मुआवजे में कथित अनियमितताओं का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अपात्र लोगों को मुआवजा मिल गया, जबकि पात्र प्रभावितों के खाते तक नहीं खुल पाए। उन्होंने मुख्यमंत्री के पहले दिए गए जांच के आश्वासन का हवाला देते हुए पूछा कि अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई। उन्होंने आंदोलनकारी दिव्या अहिरवार की गिरफ्तारी का मामला उठाते हुए उनकी रिहाई की मांग भी की। सिंघार के मुताबिक, दिव्या 25 दिन से अधिक समय से जेल में हैं और अब तक चालान पेश नहीं किया गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से प्रशासन को इस संबंध में निर्देश देने की मांग की।

यह भी पढ़ें-एमपी: दिन में गर्मी, रात में ठंड और अब भारी बारिश की चेतावनी, करवा चौथ पर चांद दिखेगा या बादल डालेंगे अड़चन?
विज्ञापन



ओबीसी आरक्षण पर विशेष सत्र बुलाने की मांग
ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर सिंघार ने सरकार से विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग की। उन्होंने कहा कि आरक्षण के विषय पर सदन में चर्चा होनी चाहिए और सभी दलों की सहमति से प्रस्ताव पारित किया जाना चाहिए। इसके अलावा, महेश्वर में बड़ी संख्या में मतदाता पहचान पत्र मिलने के मामले की जांच कराने की मांग भी उन्होंने उठाई। भाजपा की ओर से कांग्रेस कार्यालय के घेराव को लेकर पूछे गए सवाल पर सिंघार ने आरोप लगाया कि इससे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर में कथित गड़बड़ियों से जुड़े सवालों से ध्यान हटाने की कोशिश की जा रही है। परमाणु बिजलीघर के मुद्दे पर सिंघार ने साफ किया कि कांग्रेस इस मामले को विधानसभा में उठाएगी और जरूरत पड़ने पर न्यायालय का रुख भी करेगी। अब परियोजना की अनुमति, जमीन अधिग्रहण, ग्रामसभा के दस्तावेज और जल सत्याग्रह से जुड़े आरोपों पर सरकार तथा संबंधित प्रशासन का पक्ष सामने आना महत्वपूर्ण होगा।


 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें