मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई का समय आ चुका है। 21 जून से मध्य प्रदेश में मानसून का आगमन हुआ था। जिसके बाद से लगातार भारी बारिश हुई। प्रदेश के ज्यादातर क्षेत्रों में इस वर्ष अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के सीनियर वैज्ञानिकों का कहना है कि ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, शिवपुरी और श्योपुर से मानसून की विदाई होने लगी है। इन क्षेत्रों में बारिश का अलर्ट नहीं है। हालांकि कुछ जिलों में अभी भी हल्की बारिश होने का अनुमान है। 5 अक्टूबर के बाद ज्यादातर जिलों में बारिश का सिलसिला पूरी तरह से समाप्त हो जाएगा। बुधवार को प्रदेश के ज्यादातर जिलों में धूप खिली रही। जिस वजह से उमस बढ़ गई।
प्रदेश में 18% अधिक बारिश दर्ज
मौसम विभाग की आंकड़े को देख तो मध्य प्रदेश में अभी तक 37.3 इंच की बजाय 44.1 इंच बारिश हो चुकी है, जो 18 प्रतिशत ज्यादा है। भोपाल, ग्वालियर समेत 44 जिले तो ऐसे हैं, जहां सामान्य से 99 प्रतिशत तक ज्यादा पानी गिरा है। श्योपुर में दोगुनी बारिश हुई है। इस बार जुलाई और अगस्त में 75 प्रतिशत तक पानी गिर गया। जुलाई में 14.27 इंच बारिश हुई। यह कोटे से 1.78 इंच ज्यादा रही। अगस्त में 14.50 इंच बारिश हुई, जो डेढ़ इंच अधिक रही।
प्रदेश में ऐसा है मौसम का मिजा
मौसम विभाग द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक कोंकण में एक ट्रफ लाइन बन रही है। यह मध्य प्रदेश के उत्तर पूर्वी हिस्से में जाती दिखाई दे रही है। हवाओं में हल्की नमी देखने को मिल रही है और इनका वेग पश्चिम और उत्तर पश्चिम की ओर है। इस कारण से प्रदेश के कई जिलों में हल्के बादल भी दिखाई दे सकते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस के उत्तर भारत की तरफ आने के संकेत भी दिए गए हैं।
कब होगी मानसून की विदाई
कई जिलों में बारिश का अलर्ट जारी तो किया गया है। लेकिन मौसम विभाग के मुताबिक 5 अक्टूबर तक मानसून की विदाई हो सकती है। फिलहाल मानसून की मजबूत प्रणाली प्रदेश में सक्रिय नहीं है जिसके चलते बारिश हुई भी तो ज्यादा नहीं होगी। मौसम विभाग ने यह बताया है कि 5 अक्टूबर के बाद प्रदेश से धीरे-धीरे मानसून विदाई लेने लगेगा और सबसे पहले ग्वालियर चंबल से इसकी विदाई का अनुमान जताया गया है।