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स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग: CM हाउस से 200 मीटर पहले रुके इंटर्न डॉक्टर, पुलिस ने वाटर कैनन चलाया, झड़प में घायल

Mon, 07 Sep 2026 04:00 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल

सार

30 हजार स्टाइपेंड की मांग को लेकर हमीदिया के इंटर्न डॉक्टर सीएम हाउस घेरने निकले। पुलिस ने 200 मीटर पहले रोक लिया । इससे पहले  वाटर कैनन भी चलाई गई। झड़प में एक छात्र घायल हो गया। जिसके बाद डॉक्टरों ने मारपीट और लाठीचार्ज का आरोप लगाया। इंटर्न डॉक्टरों के समर्थन में अब जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन भी सामने आ गया है और नियमित ओपीडी सेवाएं रोकने का निर्णय लिया है।
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इंटर्न डॉक्टरों का प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर हमीदिया अस्पताल के इंटर्न डॉक्टर सोमवार को मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने निकल पड़े। पुलिस ने उन्हें सीएम हाउस से करीब 200 मीटर पहले रोक दिया। आगे बढ़ने की कोशिश के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारी डॉक्टरों के बीच झड़प हो गई। स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसकी चपेट में आने से एक छात्र के घायल होने की जानकारी सामने आई है। इंटर्न डॉक्टरों ने पुलिस पर मारपीट और लाठीचार्ज करने का आरोप लगाया है। हालांकि पुलिस की ओर से लाठीचार्ज के आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
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हमीदिया का गेट और बैरिकेड तोड़कर निकले
प्रदर्शनकारी डॉक्टरों को रोकने के लिए हमीदिया अस्पताल परिसर में पुलिस बल और बैरिकेड लगाए गए थे। डॉक्टरों ने बैरिकेड हटाकर और अस्पताल का गेट पार कर फतेहगढ़ की ओर मार्च शुरू कर दिया। बाद में वे अलग-अलग गलियों और रास्तों से होते हुए मुख्यमंत्री निवास के नजदीक पहुंच गए। मोती मस्जिद चौराहे पर पुलिस ने उन्हें रोक दिया। प्रदर्शन के कारण सड़क पर यातायात भी प्रभावित हुआ और वाहनों की कतार लग गई। बाद में पुलिस से बातचीत के बाद डॉक्टरों ने सड़क का एक हिस्सा खाली कर दिया, जिससे यातायात धीरे-धीरे सामान्य हुआ।
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समर्थन में जेडीए भी उतरा, भोपाल में नियमित ओपीडी बंद
स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे इंटर्न डॉक्टरों के समर्थन में अब जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन (जेडीए) भोपाल भी सामने आ गया है। जेडीए ने गांधी मेडिकल कॉलेज के डीन को पत्र भेजकर नियमित ओपीडी सेवाएं रोकने का निर्णय लिया है। हालांकि आपातकालीन और जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं जारी रखने की बात कही गई है। जेडीए ने अपने पत्र में कहा कि मध्यप्रदेश के इंटर्न डॉक्टर पिछले एक महीने से स्टाइपेंड में संशोधन की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं। सरकार को मांग पर विचार करने के लिए पर्याप्त समय दिया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला।

सागर के डॉक्टरों को रोकने का भी आरोप
प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि दूसरे मेडिकल कॉलेजों के इंटर्न डॉक्टर भी आंदोलन में शामिल होने भोपाल पहुंच रहे हैं। उनका आरोप है कि सागर से इंटर्न डॉक्टरों को लेकर आ रही बस को नादरा बस स्टैंड पर रोक दिया गया।
इंटर्न डॉक्टरों के मुताबिक प्रदेश में करीब 2 हजार शासकीय इंटर्न डॉक्टर हैं, जबकि सरकारी और निजी संस्थानों को मिलाकर कुल संख्या करीब 3,600 है।

सड़क पर बैठने से यातायात प्रभावित
सीएम हाउस की ओर बढ़ने से रोके जाने के बाद डॉक्टर सड़क पर बैठ गए। कमला पार्क रोड पर भी यातायात प्रभावित हुआ। राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बाद में बातचीत के बाद सड़क का एक हिस्सा खोला गया।
डॉक्टर बोले- लिखित आदेश मिलने तक आंदोलन
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्होंने पहले शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से अपनी मांग सरकार के सामने रखी थी। जब मांग पर निर्णय नहीं हुआ तो मुख्यमंत्री निवास तक मार्च का फैसला लिया गया। अब डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि मौखिक आश्वासन नहीं, स्टाइपेंड बढ़ाने का लिखित आदेश चाहिए।


14,337 मिल रहा, 30 हजार की मांग
इंटर्न डॉक्टरों को फिलहाल 14,337 रुपए प्रतिमाह स्टाइपेंड मिल रहा है। डॉक्टर इसे बढ़ाकर कम से कम 30 हजार रुपए प्रतिमाह करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार की ओर से करीब डेढ़ महीने पहले एक महीने में फैसला लेने का मौखिक आश्वासन दिया गया था। भरोसे में आंदोलन रोक दिया, लेकिन तय समय गुजरने के बाद भी लिखित आदेश जारी नहीं हुआ। डॉक्टरों का कहना है कि अब उन्हें आश्वासन नहीं, बल्कि स्टाइपेंड बढ़ाने का लिखित आदेश चाहिए।

दो गेट बंद, इमरजेंसी के पास भी प्रदर्शन
मार्च को देखते हुए पुलिस ने हमीदिया अस्पताल के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी। अस्पताल के दो गेट बंद कर दिए गए और कई रास्तों पर बैरिकेडिंग कर पुलिस बल तैनात किया गया। इमरजेंसी के पास भी डॉक्टरों ने प्रदर्शन किया। रास्ते बंद होने से मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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यूपी में बढ़ा स्टाइपेंड, एमपी में भी फैसले की मांग
इंटर्न डॉक्टर मोहित मिश्रा ने कहा कि सरकार की ओर से कहा गया था कि उत्तर प्रदेश में स्टाइपेंड बढ़ने पर मध्य प्रदेश में भी बढ़ोतरी की जाएगी। अब उत्तर प्रदेश में स्टाइपेंड 25 हजार रुपए किए जाने का आदेश जारी हो चुका है। ऐसे में मध्य प्रदेश सरकार से भी तत्काल फैसला लेने की मांग की जा रही है। डॉक्टरों के मुताबिक प्रदेश में करीब 2 हजार शासकीय इंटर्न डॉक्टर हैं, जबकि सभी इंटर्न डॉक्टरों को मिलाकर संख्या करीब 3,600 है। उनका दावा है कि दूसरे मेडिकल कॉलेजों के इंटर्न भी आंदोलन में शामिल हैं।

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