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काटजू अस्पताल में नवजात की मौत के बाद बवाल: इलाज पर उठे सवाल, स्टाफ ने खुद को किया बंद, लापरवाही का आरोप

Mon, 30 Mar 2026 07:44 AM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल

सार

भोपाल के काटजू अस्पताल में नवजात की मौत के बाद परिजनों ने लापरवाही के आरोप लगाते हुए हंगामा किया, जबकि प्रबंधन ने इसे जटिल चिकित्सकीय स्थिति बताया है।  घटना के बाद अस्पताल में कुछ समय तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा, जिसे पुलिस हस्तक्षेप के बाद शांत कराया गया।

 
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हंगामें के बाद पहुंची पुलिस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भोपाल के काटजू अस्पताल में नवजात की मौत के बाद रविवार रात माहौल तनावपूर्ण हो गया। घटना से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। हालात इतने बिगड़ गए कि महिला डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को खुद को कमरों में बंद करना पड़ा। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया। जानकारी के मुताबिक, संजना रैकवार को प्रसव के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यह उनका पहला बच्चा था और शुरुआती जांच में स्थिति सामान्य बताई गई थी। रविवार शाम को प्रसव पीड़ा शुरू हुई, जिसके बाद उन्हें लेबर रूम में शिफ्ट किया गया।
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अचानक हालत बिगड़े
परिजनों का कहना है कि डिलीवरी सामान्य तरीके से हो रही थी और बच्चा आंशिक रूप से बाहर भी आ चुका था। इसी दौरान अचानक हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने प्रसूता को ऑपरेशन थियेटर में ले जाने का फैसला लिया। कुछ समय बाद डॉक्टरों ने नवजात के मृत पैदा होने की जानकारी दी, जिसके बाद परिजन भड़क उठे।

लापरवाही के आरोपों से गरमाया मामला
परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जब प्रसव सामान्य रूप से चल रहा था, तो अंतिम समय में ऑपरेशन की नौबत क्यों आई। साथ ही आरोप है कि उस समय एनेस्थीसिया विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं था, जिससे सर्जरी में देरी हुई और इसका खामियाजा नवजात को भुगतना पड़ा।
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अस्पताल प्रबंधन ने दी सफाई
वहीं अस्पताल प्रबंधन ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे चिकित्सकीय जटिलता बताया है। अस्पताल इंचार्ज के अनुसार, प्रसव के दौरान अचानक स्थिति बदल गई थी। बच्चे का रोटेशन रुक गया, जिससे सामान्य डिलीवरी संभव नहीं रही। इसी वजह से ऑपरेशन का निर्णय लिया गया, लेकिन तब तक गर्भ में ही बच्चे की मौत हो चुकी थी। घटना के बाद अस्पताल में कुछ समय तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा, जिसे पुलिस हस्तक्षेप के बाद शांत कराया गया।

 
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