फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bhopal News: रिटायर्ड DSP की राइफल की गोली से हुई थी बच्ची की मौत, FSL रिपोर्ट के बाद पिता-पुत्र बनेंगे आरोपी

Mon, 06 Oct 2025 10:44 PM IST
भोपाल ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

भोपाल में दशहरे पर 10 वर्षीय रिया रजक की गोली लगने से मौत के मामले में खुलासा हुआ कि गोली रिटायर्ड डीएसपी की रायफल से चली थी। उनके बेटे ने शस्त्र पूजन के बाद हर्ष फायर किया था। एफएसएल रिपोर्ट के बाद पिता-पुत्र पर केस दर्ज कर रायफल का लाइसेंस निरस्त हो सकता है। 
विज्ञापन
photo
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

 दशहरे के दिन दोपहर में अपनी कॉलोनी परिसर में दुर्गा झांकी के बाहर खेल रही 10 वर्ष की बच्ची रिया रजक की गोली लगने से मौत के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। बच्ची को रिटायर्ड डीएसपी की राइफल से चली गोली लगी थी। मामले में रिटायर्ड डीएसपी और हर्ष फायर करने वाले उनके बेटे के खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा। 
विज्ञापन


पुलिस के अनुसार जिस शशि हाईट्स में बच्ची रहती थी और जहां घटना हुई है, उससे करीब एक किलोमीटर दूर एक रिटायर्ड डीएसपी का मकान है। रिटायर्ड डीएसपी के नाम .315 बोर की रायफल है। दशहरे के दिन शस्त्र पूजन के बाद रिटायर्ड अधिकारी के बेटे ने हर्ष फायर किया था। बच्ची रिया रजक के शरीर में भी .315 बोर की रायफल की ही गोली निकली है। ऐसे कोलार पुलिस ने उक्त रिटायर्ड अधिकारी की .315 बोर की रायफल को जब्त कर जांच के लिए सागर फॉरेंसिक लैब भेजा है। लैब में रिया रजक के शरीर के अंदर से ऑपरेशन कर निकाली गई गोली भी भेजी गई है। भोपाल पुलिस का कहना है कि एफएसएल से रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी, क्योंकि एफएसएल की रिपोर्ट में ही स्पष्ट हो सकेगा कि जिस गोली से रिया रजक नाम की बच्ची की मौत हुई है, वह उक्त रायफल से निकली है। 

ये भी पढ़ें- दो और कफ सिरप में मिला जहरीला केमिकल, जांच में री-लाइफ और रेस्पिफ्रेश TR में पाई गई गड़बड़ी
विज्ञापन


पिता-पुत्र दोनों बनेंगे आरोपी
पुलिस सूत्रों ने बताया कि रिटायर्ड डीएसपी के नाम से उक्त रायफल है। दशहरे के दिन शस्त्र पूजन के बाद घर की छत से उनके बेटे ने हर्ष फायर किया था, जो गोली ऊपर आकाश की ओर जाने के बाद लौटी और हवा की गति के कारण थोड़ा तिरछी होकर रिया रजक के कंधे में लगी और धंसकर शरीर के अंदर कमर तक पहुंच गई थी। सूत्रों ने कहा कि पिता के नाम के लाइसेंसी हथियार को बेटे ने चलाया है, इसलिए पिता-पुत्र दोनों को आरोपी बनाया जाएगा। अगर इसी रायफल से गोली चलने की पुष्टि एफएसएल की रिपोर्ट में हो गई तो दोनों की गिरफ्तारी के साथ लाइसेंस भी निरस्त हो सकता है।
विज्ञापन


100 से ज्यादा राइफल धारियों के हथियारों को चेक किया
उल्लेखनीय है कि भोपाल पुलिस ने इस मामले में कोलार क्षेत्र में 100 से अधिक पाइंट 315 बोर के लाइसेंस धारियों के हथियारों को चेक करने का अभियान चलाया। चूंकि, एक रायफल एक किलोमीटर तक आसानी से वार कर सकती है। इसलिए एक किलोमीटर क्षेत्र में टीमें बनाकर जांच की गई। जिला प्रशासन से लाइसेंसधारियों की सूची लेकर जांच करने के बाद उक्त रिटायर्ड अधिकारी लपेटे में आए हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें