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TET विवाद पर शिक्षक एकजुट: भोपाल बैठक में संयुक्त मोर्चा बना, CM अनुरोध यात्रा निकालने का फैसला

Sun, 29 Mar 2026 06:52 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल

सार

भोपाल में हुई शिक्षक संगठनों की बैठक में टीईटी अनिवार्यता के विरोध में संयुक्त मोर्चा बनाकर आंदोलन की रणनीति तय की गई। शिक्षकों ने मुख्यमंत्री अनुरोध यात्रा निकालने का फैसला लिया और पुराने शिक्षकों पर नए नियम लागू करने का विरोध जताया। साथ ही सरकार से रिव्यू पिटीशन दायर करने और अन्य मांगों पर भी कार्रवाई की मांग की गई।
 
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शिक्षक संगठनों की बैठक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मध्यप्रदेश में टीईटी अनिवार्यता को लेकर विरोध तेज हो गया है। राजधानी भोपाल में आयोजित प्रदेशस्तरीय बैठक में विभिन्न शिक्षक संगठनों ने एक मंच पर आकर संयुक्त शिक्षक मोर्चा बनाया। गांधी भवन में हुई इस बैठक में कई जिलों के शिक्षक ऑनलाइन भी जुड़े।बैठक में तय किया गया कि शिक्षक अपनी मांगों को लेकर जल्द ही मुख्यमंत्री अनुरोध यात्रा निकालेंगे। इसके जरिए सरकार तक अपनी बात पहुंचाई जाएगी और दबाव बनाया जाएगा।
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ब्लाक, जिला स्तर पर धरना, प्रदर्शन
मोर्चा के सदस्य उपेन्द्र कौशल ने बताया कि टीईटी परीक्षा के संबंध में सरकार पुर्नविचार याचिका दायर करें एवं लोक शिक्षण के आदेश निरस्त कराने के लिए ब्लाक, जिला स्तर पर धरना, प्रदर्शन एवं जनप्रतिनिधियों का ध्यानाकर्षण कराया जाएगा वहीं राजधानी भोपाल में अप्रैल में मुख्यमंत्री अनुरोध यात्रा का आयोजन किया जावेगा।
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TET अनिवार्यता बना विवाद की जड़
लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) के आदेश के अनुसार, जिन शिक्षकों की सेवानिवृत्ति में पांच साल से ज्यादा समय बचा है, उन्हें टीईटी पास करना अनिवार्य किया गया है। इसके लिए दो साल की समय-सीमा तय की गई है, अन्यथा सेवा समाप्ति तक की कार्रवाई हो सकती है। इसी फैसले से शिक्षकों में नाराजगी है।

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पुराने शिक्षकों पर नए नियम का विरोध
शिक्षकों का कहना है कि 2005 और 2008 में नियुक्ति के समय टीईटी अनिवार्य नहीं था, ऐसे में अब इसे लागू करना गलत है। इसे “रेट्रोस्पेक्टिव नियम” बताते हुए उन्होंने इसे अन्यायपूर्ण बताया। शिक्षक संगठनों का दावा है कि इस फैसले से करीब 1.5 लाख शिक्षक प्रभावित हो सकते हैं। इनमें लगभग 70 हजार शिक्षक सीधे इस नियम के दायरे में आते हैं, जिससे उनमें असुरक्षा बढ़ गई है।

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अन्य मुद्दों पर भी बनी रणनीति
बैठक में टीईटी के अलावा शिक्षक एप से अटेंडेंस और सेवा वृद्धि जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। सभी संगठनों ने इन मांगों को लेकर संयुक्त रूप से आंदोलन करने की बात कही। सरकार से रिव्यू पिटीशन की मांगशिक्षकों ने सरकार से इस मामले में रिव्यू पिटीशन दायर करने की मांग की है। उनका कहना है कि अन्य राज्यों में भी इस तरह के कदम उठाए गए हैं, इसलिए मध्यप्रदेश में भी राहत मिलनी चाहिए।
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