रक्षाबंधन का त्योहार आते ही भाई-बहन एक-दूसरे से मिलने और राखी बांधने के लिए घर पहुंचते हैं। लेकिन भोपाल के नीलम पार्क में तस्वीर कुछ अलग है। यहां शिक्षक भर्ती 2025 के वर्ग-2 और वर्ग-3 के महिला और पुरुष अभ्यर्थी अपने परिवार से दूर पदवृद्धि की मांग को लेकर आठवें दिन भी धरने पर बैठे हैं। किसी को बहन की राखी का इंतजार है तो किसी के परिवार को उसके घर लौटने की उम्मीद, लेकिन अभ्यर्थी शिक्षा मंत्री के आने का इंतजार कर रहे हैं।
परीक्षाएं पास करने के बाद भी पर्याप्त पद नहीं
दरसल अभ्यर्थी 22 अगस्त से पद बढ़ाने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना दे रहे हैं। उनका कहना है कि पात्रता परीक्षा और अन्य जरूरी परीक्षाएं पास करने के बाद भी पर्याप्त पद नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में योग्य अभ्यर्थी चयन से बाहर रह गए हैं।
रक्षाबंधन का शगुन पदवृद्धि के रूप में दे सरकार
दतिया से धरने में शामिल हुईं कविता कुशवाहा ने भावुक होकर कहा कि वह आठ दिन से घर नहीं गई हैं। उनकी मांग है कि सरकार वर्ग-2 में प्रत्येक विषय में 3-3 हजार और वर्ग-3 में कुल 25 हजार पद बढ़ाए। उन्होंने कहा कि इस रक्षाबंधन पर सरकार पदवृद्धि का शगुन दे दे, इससे बड़ी खुशी हमारे लिए कुछ नहीं होगी। कविता ने कहा कि वह शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री के आने का इंतजार कर रही हैं। उन्होंने कहा कि इस बार घर जाकर रक्षाबंधन मनाने के बजाय वह चाहती हैं कि सरकार उनकी मांग सुने और रोजगार का रास्ता खोले।
बहनें इंतजार करती रहीं, हम रोजगार के लिए यहां बैठे हैं
अभ्यर्थियों का कहना है कि रक्षाबंधन पर घर नहीं जा पाने का दुख है, लेकिन रोजगार की उम्मीद ने उन्हें धरनास्थल पर रोक रखा है। उनका कहना है कि उन्होंने शिक्षक पात्रता परीक्षा और सुपर पात्रता परीक्षा पास की है और अच्छे अंक भी हासिल किए हैं। इसके बावजूद पदों की कमी के कारण चयन नहीं हो सका।
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तीन दिन से महिला अभ्यर्थी भूख हड़ताल पर
पदवृद्धि की मांग को लेकर तीन दिन से महिला अभ्यर्थी भूख हड़ताल पर भी बैठी हैं। धरनास्थल पर मौजूद अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकार जब तक पदवृद्धि की घोषणा नहीं करती, आंदोलन जारी रहेगा। रक्षाबंधन के दिन नीलम पार्क में बैठे इन अभ्यर्थियों की मांग सिर्फ नौकरी की नहीं, बल्कि उस उम्मीद की है जिसके लिए उन्होंने वर्षों तक पढ़ाई और परीक्षाओं की तैयारी की है। अब उनकी नजरें सरकार के फैसले पर टिकी हैं।