पांचवें राज्य स्तरीय स्वच्छता सम्मान समारोह जबलपुर, इंदौर, भोपाल, उज्जैन, देवास नगर निगमों समेत शाहगंज नगर परिषद और बुधनी नगर पालिका को उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने अमृत योजना के अंतर्गत 5,364 करोड़ रुपये की लागत से संचालित होने वाली जल प्रदाय, सीवरेज, हरित क्षेत्र और अधोसंरचना विकास से जुड़ी परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया।
भोपाल में आयोजित पांचवें राज्य स्तरीय स्वच्छता सम्मान समारोह के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी नगरीय निकाय कचरा प्रबंधन को लेकर सकारात्मक सोच के साथ काम करते रहेंगे। उन्होंने इस मौके पर जबलपुर, इंदौर, भोपाल, उज्जैन, देवास नगर निगमों समेत शाहगंज नगर परिषद और बुधनी नगर पालिका को उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया। समारोह में मुख्यमंत्री ने अमृत योजना के अंतर्गत 5,364 करोड़ रुपये की लागत से संचालित होने वाली जल प्रदाय, सीवरेज, हरित क्षेत्र और अधोसंरचना विकास से जुड़ी परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया।
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‘स्वच्छता समग्र’ कार्यशाला का आयोजन
इस भव्य समारोह के साथ-साथ 'स्वच्छता समग्र' कार्यशाला का भी आयोजन हुआ, जिसमें प्रदेश की वायु गुणवत्ता, शहरी स्वच्छता और लीगेसी वेस्ट जैसी जटिल समस्याओं पर विशेषज्ञों ने चर्चा की। कार्यशाला के पहले सत्र में आयुक्त संकेत भोंडवे ने राज्य में स्वच्छता की वर्तमान स्थिति और आगे की रणनीतियों पर विस्तार से जानकारी दी। उज्जैन महापौर मुकेश टटवाल, जबलपुर के महापौर जगत बहादुर सिंह, पर्यटन निगम के एमडी इलैया राजा और जिम्मेदार पर्यटन मिशन के डायरेक्टर डीपी सिंह ने नर्मदा घाटी और धार्मिक स्थलों की सफाई संबंधी समस्याओं पर अपने विचार साझा किए।
अपशिष्ट प्रबंधन पर विशेषज्ञों के सुझाव
दूसरे सत्र में इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव, छिंदवाड़ा महापौर विक्रम अहाके, ग्वालियर महापौर शोभा सिकरवार, और संबंधित नगर निगम आयुक्तों ने लीगेसी वेस्ट मैनेजमेंट को लेकर सुझाव प्रस्तुत किए। समानांतर सत्र में भोपाल महापौर मालती राय, उज्जैन आयुक्त अभिलाष मिश्रा, भोपाल आयुक्त संस्कृति जैन और सागर आयुक्त राजकुमार खत्री ने शहरी सफाई, सौंदर्यीकरण और छोटे शहरों के विकास की संभावनाओं पर चर्चा की।
सफाई मित्रों से सीधा संवाद
कार्यक्रम के समापन पर सफाई मित्रों के साथ संवाद का आयोजन किया गया, जिसमें उनकी सुरक्षा, कौशल विकास और कल्याण से जुड़ी योजनाओं पर विचार-विमर्श हुआ। इस दौरान स्वच्छता पखवाड़े पर आधारित एक विशेष फिल्म प्रदर्शित की गई और स्वच्छता सर्वेक्षण 2025 का डिजिटल पोस्टर भी लॉन्च किया गया।