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एमपी में हेलमेट पर सख्ती: कल से चलाया जाएगा विशेष अभियान, बार-बार उल्लंघन करने पर लाइसेंस होगा निलंबित

Sat, 25 Apr 2026 09:47 PM IST
भोपाल ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

मध्यप्रदेश में 26 अप्रैल से 10 मई तक हेलमेट विशेष चेकिंग अभियान चलेगा। बिना हेलमेट चालकों पर चालान होगा। बार-बार उल्लंघन पर लाइसेंस निलंबन भी संभव है। पुलिस जागरूकता अभियान चलाकर सड़क हादसों में कमी लाने पर जोर देगी।

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पुलिस मुख्यालय - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजधानी भोपाल सहित पूरे मध्यप्रदेश में बढ़ते सड़क हादसों और दोपहिया चालकों की लापरवाही को देखते हुए पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) के निर्देश पर 26 अप्रैल से 10 मई 2026 तक प्रदेशभर में हेलमेट विशेष चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान हेलमेट नहीं पहनने वाले चालकों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही बार-बार नियमों का उल्लंघन करने वालों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन तक की कार्रवाई भी हो सकती है।

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पुलिस प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान (पीटीआरआई) के एडीजी विवेक शर्मा ने भोपाल और इंदौर के पुलिस आयुक्तों समेत सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को पत्र जारी कर अभियान को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं। जिलों में इस अभियान की मॉनिटरिंग एसपी स्तर के अधिकारी करेंगे।

बढ़ते हादसों के चलते सख्ती
एडीजी शर्मा के अनुसार, प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं का एक बड़ा कारण ट्रैफिक नियमों की अनदेखी और हेलमेट का उपयोग न करना है। आंकड़ों के मुताबिक, सड़क हादसों में मरने वालों में लगभग 50 प्रतिशत दोपहिया चालक होते हैं, जिनमें अधिकांश ने हेलमेट नहीं पहना होता।
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पढ़ें: बालाघाट में पुलिस का मेगा ऑपरेशन: ड्रोन निगरानी से अवैध रेत उत्खनन का भंडाफोड़, सात ट्रैक्टर-ट्राली जब्त

इसी को ध्यान में रखते हुए अभियान के दौरान हेलमेट न पहनने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही पीओएस मशीन के माध्यम से मौके पर ही लाइसेंस निलंबित करने की कार्रवाई भी की जा सकती है। पुलिस का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं, बल्कि लोगों को नियमों के पालन के प्रति जागरूक करना है।

जागरूकता पर भी रहेगा फोकस
अभियान के तहत स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। सोशल मीडिया और लघु वीडियो के जरिए भी लोगों को ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
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पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि अभियान का उद्देश्य सिर्फ चालान करना नहीं, बल्कि लोगों की सोच में बदलाव लाना है, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। इसके लिए स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के सहयोग से अभियान को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए हैं। अभियान के दौरान की गई कार्रवाई और गतिविधियों की रिपोर्ट नियमित रूप से मुख्यालय को भेजी जाएगी, जिससे इसकी निगरानी और प्रभावशीलता सुनिश्चित की जा सके।

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