पूर्व सीएम कमलनाथ और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान
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मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अब पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ पर नया हमला बोला है। बच्चियों की निशुल्क शिक्षा और वाहन की योजना के वचन पर सवाल उठाते हुए शिवराज ने तुलसीदास की पंक्तियों का सहारा लिया। उन्होंने कहा कि कमलनाथ जी के लिए तो झूठइ लेना झूठइ देना। झूठइ भोजन झूठ चबेना। इस पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि शिवराज तो अब सवाल में भी नकल करने लगे। जिस चौपाई का इस्तेमाल उन्होंने 10 फरवरी के सवाल में किया था, वह शुक्रवार को शिवराज ने दोहराई है।
शिवराज ने स्मार्ट सिटी पार्क में पौधरोपण के बाद कहा कि मैं कमलनाथ जी से आजकल रोज सवाल पूछ रहा है। तुलसीदास जी की यह पंक्तियां मुझे याद आ रही हैं क्योंकि यह कमलनाथ जी पर सटीक बैठती हैं- झूठइ लेना झूठइ देना। झूठइ भोजन झूठ चबेना। उनका झूठ ही लेना और झूठ ही देना होता है। भोजन भी झूठ ही होता है। झूठ ही चबाते हैं। मैं रोज जवाब मांग रहा हूं और उन्होंने आज तक जवाब नहीं दिया। मैं फिर पूछ रहा हूं कि आपने अपने महाझूठ महापत्र में वादा किया था कि देवी अहिल्याबाई होल्कर निशुल्क शिक्षा योजना शुरू करेंगे। इसमें बेटियों को फ्री शिक्षा और रियायती दरों पर दो पहिया वाहन के लिए ऋण दिया जाएगा। आरटीओ से नि:शुल्क वाहन का रजिस्ट्रेशन होगा। बार-बार पूछ रहा हूं कि बैगा, भारिया, सहरिया जैसी मेरी बहनों को हमारी सरकार एक हजार रुपये देती थी। वह छीनने का पाप तो आपने किया ही है, यह वादा पूरा क्यों नहीं किया?
खैर, जवाब में कमलनाथ ने भी सवाल दाग दिया। उन्होंने ट्वीट किया कि शिवराज जी आप झूठ मशीन हैं। यह तो मध्य प्रदेश की जनता जानती है लेकिन आप वैचारिक रूप से इतने दरिद्र और मर्यादाविहीन हैं, इसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी। आज आपने रामचरितमानस की वह चौपाई मुझसे पूछी है जो 10 फरवरी 2023 के प्रश्न में मैंने आपसे पूछी थी। सवाल पूछने तक में नकल करने वाले शिवराज जी आप हंसी के पात्र बनते जा रहे हैं। मेरा सवाल आपसे यह है कि आपने कुछ समय पहले बाल आशीर्वाद योजना शुरू की थी। इसमें अनाथ बच्चों की मदद करने का झूठ आपने बोला था। सारे बच्चे चीख-चीखकर कह रहे हैं कि मामा ने हमें धोखा दे दिया। इन अनाथ बच्चों की आंहें सुनकर भी क्या आपका पत्थर दिल पिघलता नहीं हैं। आप सत्य के मार्ग पर सच्चे हृदय से चलने की कोशिश तो करिए, गलत रास्ते पर भी चलेंगे तो ईश्वर आपको सही रास्ते पर ले आएगा। 'उल्टा नाम जपत जग जाना, बाल्मीकि भए ब्रह्म समाना।'