फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bhopal: नफरत के ऐलान के जवाब में मुहब्बत का पैगाम, शहर काजी बोले- हम सबसे करते रहेंगे व्यवहार, जानिए मामला

Thu, 31 Oct 2024 05:20 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

MP: 'दिवाली की खरीदी अपनों से करें, सनातन को मजबूत करें' के संदेश देते बजरंग दल के पोस्टरों पर मुस्लिम समुदाय की तरफ से जवाब आया है। नायब शहर काजी मौलाना अली कदर ने इस ऐलान के उत्तर में कहा है कि बुराई का जवाब भलाई से देना इस्लाम की आस्थाओं में शामिल है। 
विज्ञापन
शहर काजी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

नायब शहर काजी मौलाना अली कदर ने एक वीडियो संदेश में यह बात कही। उन्होंने कहा कि दिवाली के त्यौहार को लेकर शहरभर में लगाए गए पोस्टरों में मुस्लिम कारोबारियों से सामान न खरीदने की अपील की जा रही है। इसको सनातन की मजबूती और एकजुटता का परिचायक बताया जा रहा है। नायब काजी ने कहा कि उनसे समुदाय के लोगों द्वारा कहा जा रहा है कि वे भी ऐसी अपील करें, जिसमें कहा जाए कि मुस्लिम भी रमजान, ईद, बकरीद और शादियों की खरीदी मुस्लिम व्यापारियों से करने की अपील करें, लेकिन उन्होंने कहा कि यह इस्लाम का रिवाज, परम्परा और अखलाक नहीं है।

विज्ञापन


उन्होंने कहा कि पैगंबर हजरत मुहम्मद सअस ने बुराई का जवाब भलाई और अच्छाई से देने की ताकीद भी की है और अपने जीवनकाल में यह करके भी दिखाया है। हम भी उनके अनुयायी हैं और यही व्यवहार रखते हैं। इसलिए सदियों से चली आ रही परंपरा पर ही तटस्थ रहेंगे। नायब शहर काजी ने कहा कि हम अपने हिन्दू भाइयों से ही खरीदी बिक्री का व्यवहार बनाए रखेंगे। उन्होंने कहा कि रमजान माह में मै जिस गोलू ठाकुर से फ्रूट खरीदता हूं या जो मिस्त्री लखन और राकेश मेरे लिए काम करते हैं, उनका इस नफरत से कोई वास्ता नहीं है, इसलिए हम किसी के किए की सजा किसी और को क्यों दें। काजी अली कदर ने लोगों से अपील की है कि नफरतों की आंधियों में अपनी मुहब्बत की तरबियत को न भुलाएं। यह हालात ज्यादा समय बरकरार नहीं रहेंगे।

क्यों निकली बात
हिंदू संगठन बजरंग दल ने प्रदेशभर में एक अभियान चलाया है, जिसमें लोगों से अपील की जा रही है कि इस त्यौहार खरीदी उनसे ही की जाए, जो इस आमदनी से दिवाली मना सकें। बजरंग दल के इस आह्वान को मुस्लिम व्यापारियों के बायकॉट के तौर पर प्रचारित किया जा रहा है। जबकि इस अभियान के समर्थक इसे वोकल फॉर लोकल से जोड़ रहे हैं। उनका कहना है कि इस संदेश में देशी चीजों की खरीदी का संदेश है, न कि मुस्लिम कारोबारियों के बायकॉट का।

विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें