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MP News: ईडी मामले में सौरभ ने मां, पत्नी, जीजा और साले की तरह मांगी जमानत, फैसला सुरक्षित

Wed, 23 Apr 2025 11:14 PM IST
उदित दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा और शरद जायसवाल के मामले में  ईडी के विशेष न्यायाधीश सुनवाई पूरी कर ली है। लेकिन, उनकी जमानत के फैसला सुरक्षित रखा गया है। 
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परिवहन विभाग का पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा और शरद जायसवाल की ईडी के प्रकरण में जमानत बुधवार को भी नहीं हो पाई है। ईडी के विशेष न्यायाधीश ने बुधवार को सौरभ शर्मा और शरद जायसवाल मामले में जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी कर ली है, लेकिन फैसला सुरक्षित रख लिया है। लोकायुक्त पुलिस द्वारा दर्ज किए गए भ्रष्टाचार के मामले में विशेष न्यायालय से सौरभ शर्मा, चेतन सिंह गौर और शरद जायसवाल को जमानत मिल चुकी है, लेकिन ईडी प्रकरण में तीनों भोपाल केंद्रीय जेल में बंद हैं।

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जानकारी के अनुसार 18 दिसंबर 2024 को परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा और उसके बिजनेस पार्टनर व राजदार चेतन सिंह गौर और शरद जायसवाल के निवास, कार्यालय और ठिकानों पर लोकायुक्त पुलिस ने एक साथ छापेमारी की थी। छापेमारी में परिवहन विभाग से की गई करोड़ों की काली कमाई का खुलासा हुआ था। भ्रष्टाचार का प्रकरण दर्ज कर लोकायुक्त मामले की जांच कर रही है। इस मामले में 19-20 दिसंबर की दरमियानी देर रात भोपाल के मेंडोरी के जंगल में आयकर विभाग ने चेतन सिंह गौर की लावारिस हालत में खड़ी इनोवा से 52 किलोग्राम से अधिक सोना और करीब ग्यारह करोड़ नकदी जब्त की थी। 

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इसके बाद 27 दिसंबर को तीनों के खिलाफ घर, निवास और ठिकानों सहित ग्वालियर और जबलपुर स्थित रिश्तेदारों व करीबियों के यहां प्रवर्तन निदेशालय ने छापेमारी की थी। छापेमारी में करोड़ों की संपत्ति का खुलासा हुआ था। प्रवर्तन निदेशालय ये हवाला और सेल कंपनियां बनाकर करोड़ों की काली कमाई को एक नंबर करने का मामला बनाकर आठ अप्रैल को विशेष न्यायालय में चालान प्रस्तुत कर दिया है। ईडी 103 करोड़ से अधिक संपत्ति सौरभ और उससे जुड़े लोगों व कंपनियों की अब तक जब्त कर चुकी है।

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पूरक चालान की तैयारी, मां-पत्नी को मिल चुकी है जमानत
सौरभ शर्मा की मां उमा शर्मा, पत्नी दिव्या शर्मा, जबलपुर निवासी साले रोहित तिवारी, भोपाल निवासी रिश्ते के जीजा विनय को 10-10 लाख रुपये के बांड पर ईडी की विशेष अदालत जमानत दे चुकी है। इन आरोपियों की गिरफ्तारी भी नहीं हुई है। अब इस मामले में पांच मई को नियमित सुनवाई होनी है, जिसमें सुरक्षा कारणों से सौरभ, चेतन और शरद जायसवाल की वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पेशी कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं।

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अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं
बुधवार को सौरभ शर्मा और शरद जायसवाल के अलग-अलग अधिवक्ता कोर्ट में उपस्थित हुए और जमानत दिए जाने की मांग करते हुए कहा कि जिस 52 किलोग्राम सोना और 11 करोड़ के करीब की नकदी सौरभ की होना बताई जा रही है, उसके संबंध में जांच एजेंसी के पास कोई साक्ष्य नहीं है। ईडी द्वारा लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। इसी मामले में सौरभ की मां, पत्नी, साले और जीजा को जमानत दी जा चुकी है। उसी आधार पर सौरभ और शरद जायसवाल को भी जमानत दी जाए। ईडी ने जमानत दिए जाने का विरोध करते हुए कहा कि अभी इस मामले में जांच चल रही है। और आरोपी बढ़ने की संभावना है। मामले में पूरक चालान प्रस्तुत किए जाने की तैयारी है। ऐसे में अब सौरभ जैसे मुख्य आरोपी व अवैध कमाई के मास्टरमाइंड को जमानत दी जाती है तो जांच पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा और साक्ष्यों से छेड़छाड़ की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता। विशेष न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है।

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