भोपाल में रिटायर्ड आईएएस राकेश अग्रवाल की हत्या का मुख्य आरोपी वरुण कुमार चार दिन बाद भी फरार है। मोबाइल और सिम बदलकर पुलिस को चकमा दे रहे आरोपी की लोकेशन मथुरा में मिली है। पुलिस की विशेष टीम उसकी तलाश में जुटी है।
मध्यप्रदेश कैडर के 1982 बैच के रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल हत्याकांड के चार दिन बीत जाने के बाद भी मुख्य आरोपी वरुण कुमार पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। हालांकि, पुलिस की तकनीकी जांच में उसके छिपने के ठिकानों और भागने के तरीकों से जुड़े कई अहम सुराग मिले हैं। पुलिस को चकमा देने के लिए आरोपी लगातार अपने मोबाइल फोन और सिम कार्ड बदल रहा है। फिलहाल वह एंड्रॉयड स्मार्टफोन के बजाय कीपैड वाले मोबाइल में अपनी पुरानी सिम का इस्तेमाल कर रहा है। इससे उसकी सटीक लोकेशन ट्रैक करना पुलिस के लिए चुनौती बन गया है।
जांच के दौरान आरोपी का मोबाइल सबसे पहले बीना जंक्शन पर चालू हुआ था। इसके बाद उसकी ताजा लोकेशन उत्तर प्रदेश के मथुरा में ट्रेस की गई। आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर आधा दर्जन पुलिस निरीक्षकों की विशेष टीम मथुरा में डेरा डाले हुए है।
बहन के पते पर बनवाए थे दस्तावेज
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी वरुण मूल रूप से ग्वालियर का रहने वाला है। उसने अपनी बड़ी बहन के पते का इस्तेमाल कर दस्तावेज बनवाए थे। उसकी बहन पंजाब के पटियाला में रहती है। पुलिस अब हरियाणा और उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर रही है। साइबर सेल की मदद से आरोपी के मोबाइल के आईएमईआई नंबर और टावर लोकेशन का विश्लेषण किया जा रहा है, ताकि उसकी गतिविधियों का पता लगाया जा सके।
उल्लेखनीय है कि 29 और 30 सितंबर की दरमियानी रात करीब 12 से 2 बजे के बीच राकेश अग्रवाल की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। वारदात के बाद आरोपी घर का सामान बिखेरकर और गैस टंकी का नोजल खुला छोड़कर फरार हो गया था।