प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत विकासखंड स्रोत समन्वयक (बीआरसी) और सहायक परियोजना समन्वयक (एपीसी) के करीब 525 रिक्त पदों को भरने की कवायद शुरू हो गई है। राज्य शिक्षा केंद्र ने कलेक्टरों को चयन प्रक्रिया और पात्रता संबंधी निर्देश जारी किए हैं। इन पदों के लिए विभागीय शिक्षकों की लिखित परीक्षा ली जाएगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 25 सितंबर से आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी, जबकि अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में परिणाम घोषित किए जाने की तैयारी है। बीआरसी के पद प्रदेश के सभी 313 विकासखंडों में भरे जाएंगे। वहीं, प्रत्येक जिले में औसतन चार एपीसी पदों के हिसाब से करीब 220 एपीसी पदों पर नए सिरे से नियुक्ति की जाएगी। मैहर, मऊगंज और पांढुर्णा में एपीसी पदों की प्रक्रिया अलग से पूरी की जाएगी।
उच्च पद प्रभार वाले शिक्षकों को पात्रता नहीं, संगठन नाराज
राज्य शिक्षा केंद्र की पात्रता शर्तों में उच्च पद प्रभार पर काम कर रहे व्याख्याताओं और उच्च माध्यमिक शिक्षकों को परीक्षा के लिए पात्र नहीं माना गया है। शिक्षक संगठनों ने इसी बिंदु पर आपत्ति जताते हुए नियम में बदलाव की मांग की है।शासकीय शिक्षक संगठन मध्यप्रदेश ने राज्य शिक्षा केंद्र को पत्र भेजकर कहा है कि उच्च पद प्रभार संभाल रहे शिक्षकों को भी बीआरसी-एपीसी की परीक्षा और चयन प्रक्रिया में शामिल किया जाना चाहिए। संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष उपेंद्र कौशल ने कहा कि ये शिक्षक लंबे समय से शैक्षणिक के साथ प्रशासनिक दायित्व निभा रहे हैं और उनके पास विभागीय कार्यों का अनुभव भी है।
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मूल पद के साथ प्रभार का अनुभव भी मान्य करने की मांग
संगठन ने मांग की है कि शिक्षकों के मूल पद के अनुभव के साथ उच्च पद प्रभार के दौरान किए गए कार्य और सेवा अनुभव को भी पात्रता में शामिल किया जाए। यदि वर्तमान नियमों में इसका प्रावधान नहीं है तो विशेष अनुमति या आवश्यक संशोधन जारी किया जाए।