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माह ए रमजान: इबादत में जुटा बोहरा समुदाय, मुस्लिम आज देखेंगे चांद, नजर आया तो कल पहला रोजा; ईद कब होगी?

Fri, 28 Feb 2025 05:26 PM IST
उदित दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

Ramadan 2025 First Roza: दाऊदी बोहरा समुदाय के कमरुद्दीन दाऊदी ने बताया कि बोहरा समुदाय ने शुक्रवार को पहला रोजा रखकर इबादत की शुरुआत कर दी है। तीन रोजे पूरे होने पर ईट मनाई जाएगी। वहीं, मुस्लिम समाज चांद का दीदार कर रोजा रखने की शुरुआत करेंगा।
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माह ए रमजान। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Ramadan 2025: अकीदत, इबादत, रोजा, तिलावत और नमाजों का महीना माह ए रमजान शुरू होने वाला है। मुस्लिम समुदाय अपनी अकीदत (आस्था) के मुताबिक शुक्रवार शाम को चांद देखने की रस्म पूरी करेगा। चांद नजर आने पर शनिवार को पहला रोजा रखा जाएगा। आसमान में चांद के दीदार न होने पर रमजान की शुरुआत रविवार से होगी। जबकि बोहरा समुदाय ने गुरुवार शाम से नमाज ओ तिलावत का सिलसिला शुरू कर दिया है। उन्होंने शुक्रवार को पहला रोजा रखा है, रोजों की 30 गिनती करने के बाद इस समुदाय की ईद होगी।

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30 रोजे के बाद मनाई जाएगी ईद 
दाऊदी बोहरा समुदाय के कमरुद्दीन दाऊदी ने बताया कि बोहरा समुदाय ने शुक्रवार को पहला रोजा रखकर इबादत की शुरुआत कर दी है। इसके लिए गुरुवार शाम से शहर की विभिन्न मस्जिदों में इबादत का सिलसिला शुरू हो गया है। कमरुद्दीन ने बताया कि शहर की मुल्ला कॉलोनी, सैफिया रोड, अलीगंज, कोहेफिजा, भानपुर समेत करीब 15 मस्जिदों में बोहरा समुदाय रमजान की खास इबादतें हो रही हैं। उन्होंने बताया कि रमजान माह में पूरे 30 दिन समाज के लोग रोजा इफ्तार से लेकर सुबह सेहरी तक इबादत करते हैं। इस दौरान सामूहिक इफ्तार और सेहरी के इंतजाम भी होते हैं। इसके अलावा देर रात करीब साढ़े ग्यारह बजे शुरू होने वाली खास नमाज सुबह सेहरी के वक्त तक जारी रहती है। कमरुद्दीन दाऊदी ने बताया कि बोहरा समुदाय 30 रोजों के पूरे होने पर ईद का त्योहार मनाएगा।

तैयारी एक नवाचार की
बोहरा समुदाय के धर्मगुरु डॉ सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन ने करीब दो महीने पहले एक संदेश जारी किया था। जिसमें उन्होंने मासूम बच्चों को मोबाइल से दूर रखने की ताकीद की थी। उनके इस संदेश को प्रसारित किया गया और फिर समाज द्वारा इस उम्र तक के बच्चों को मोबाइल से दूर रखने का निर्णय लिया गया। इससे पहले मदरसों में भी बच्चों को कई धार्मिक शिक्षा मोबाइल फोन के माध्यम से दी जा रही थी, लेकिन अब इसे भी प्रतिबंधित कर दिया गया है। इसके पीछे ये मंशा है कि बच्चों की शारीरिक गतिविधियां बढ़ें,  वे बाहर निकलकर खेले-कूदें और उनका पूर्ण रूप से विकास हो सके। 
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बच्चों को कुरआन की तालीम देंगे
मोबाइल को लेकर दिए गए संदेश के बाद डॉ सैयदना ने रमजान से पहले एक संदेश और जारी किया है। जिसमें उन्होंने रमजान माह में बच्चों को कुरआन की तालीम देने के लिए कहा है। बताया जा रहा है कि इसके मुंबई, सूरत आदि शहरों में मौजूद दाऊदी बोहरा समुदाय के बड़े मदरसों से कुरआन के शिक्षक देशभर में भेजे गए हैं। जानकारी के मुताबिक बड़े शहरों के लिए ऐसे शिक्षकों की संख्या 8 से 10 तक रखी गई है, वहीं छोटे स्थानों के लिए यह तादाद उन इलाकों में बोहरा समुदाय की आबादी के मुताबिक तय की गई है। यह शिक्षक पूरा रमजान माह रुककर बच्चों को कुरआन की तालीम देंगे। 

इधर तैयारियां पूरी, चांद का इंतजार
मुस्लिम समुदाय का माह-ए-रमजान चांद के दीदार के साथ शुरू होगा। इसके लिए राजधानी भोपाल में रुअते हिलाल कमेटी शुक्रवार को मोती मस्जिद में चांद देखने के लिए जमा होगी। चांद दिखाई देने पर या किसी शहर से इसकी तस्दीक होने पर काजी ए शहर सैयद मुश्ताक अली नदवी एलान करेंगे। उसके बाद तराबीह की विशेष नमाज के साथ रमजान शुरू हो जाएंगे। इस लिहाज से शनिवार को पहला रोजा रखा जाएगा। शुक्रवार शाम को चांद दिखाई न देने पर पहला रोजा रविवार को रखा जाएगा। ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी के सचिव काजी सैयद अनस अली नदवी ने कहा कि रहमत, बरकत और खास इबादतों वाले इस महीने के लिए शहर की मस्जिदों में खास तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बाजारों में त्योहार की रौनकें दिखाई देने लगी हैं।

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