पेंसिल में गणेश प्रतिमा उकेरने की प्रेरणा के सवाल पर रक्षा कहती हैं, मां को अक्सर घर में पेंटिंग का काम करते देखती थी। बचपन से ही पेंटिंग करने का जुनून मन में सवार हो गया। कोरोना काल के दौरान घर में खाली समय में पेंसिल को देखकर उसमें कुछ अलग करने की सूझी और पेंसिल की नोंक में शब्द उकेरने लगी। शुरुआत में अनेकों दिक्कतें आईं, लेकिन हार नहीं मानी और पेंसिल में शब्द उकेरे। साल 2020 में ही मोबाइल के चार्जर की तार पर भगवान गणेश का चित्र बनाया था। इस बार मैंने पेंसिल की नोंक में गणेश जी की प्रतिमा बनाने का विचार किया और प्रयास करते-करते सफलता मिल गई।
रक्षा ने बताया, वह जयपुर, दिल्ली, जालंधर, अहमदाबाद और देश के अनेक शहरों में पेंटिंग प्रतियोगिताओं में अवार्ड जीत चुकी हैं। रक्षा मुख्य रूप से अमूर्तन चित्रकार हैं और उनके द्वारा बनाई गई पेंटिंग देश के विभिन्न शहरों में हुई। पेंटिंग कांपटीशन में रक्षा गोल्ड मेडल भी जीत चुकी हैं। उन्होंने अपना जीवन साथी भी नाट्य कलाकार को चुना। उनके पति दुर्गेश सोनी भी मंच में शानदार प्रस्तुतियों के लिए जाने जाते हैं।