मध्य प्रदेश में बारिश का स्ट्रांग सिस्टम कमजोर पड़ गया है इस वजह से प्रदेश में भारी बारिश से राहत मिल गई। गुरुवार को नर्मदापुरम और इटारसी में आधे घंटे बारिश हुई वहीं प्रदेश के ज्यादातर जिलों में दिनभर धूप निकली रही। मौसम विभाग के अनुसार 23 सितंबर तक प्रदेश में भारी बारिश से राहत रहेगी। उसके बाद एक बार फिर से स्ट्रांग सिस्टम एक्टिव होने की संभावना है।
प्रदेश में अब तक औसत से 12% अधिक वर्षा दर्ज
मध्य प्रदेश में 21 जून से मानसून एक्टिव होने के बाद लगातार भारी बारिश का दौर जारी है। प्रदेश के कई जिलों में औसत से ज्यादा बारिश हो चुकी है वही कुछ जिलों में अभी भी कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के आंकड़े को देखें तो प्रदेश में अब तक औसत 41.7 इंच बारिश दर्जन की गई है। यह सामान्य से 12 प्रतिशत अधिक है। भोपाल, मंडला, सिवनी, श्योपुर, सागर और निवाड़ी जिलों में 50 इंच से ज्यादा पानी गिर चुका है। दूसरी ओर, इंदौर, उज्जैन और रीवा संभाग पिछड़े हुए हैं। यहां के ज्यादातर जिले सामान्य बारिश से काफी पीछे हैं।
कई जिलों का बढ़ा तापमान
प्रदेश में लगातार हो रही बारिश का दौर कमजोर पड़ने के बाद गुरुवार को कई जिलों का तापमान 30 डिग्री से पर पहुंच गया जिस वजह से उमस बढ़ गई और लोगों को गर्मी महसूस हुई। मौसम विभाग द्वारा जारी तापमान के अनुसार उज्जैन में अधिकतम तापमान 33.7 डिग्री और नरसिंहपुर में पारा 34 डिग्री दर्ज किया गया। दमोह, जबलपुर, खजुराहो, मंडला, नौगांव, रीवा, सागर, सिवनी, सीधी, टीकमगढ़, उमरिया, मलाजखंड, भोपाल, धार, गुना, नर्मदापुरम, इंदौर, खंडवा, खरगोन, रतलाम में तापमान 30 डिग्री या इससे अधिक रहा।
बारिश का सिस्टम आगे बढ़ा, अब 22 तक रहता
मौसम विभाग के सीनियर वैज्ञानिक डॉ. वेद प्रकाश में बताया कि एक सप्ताह से लो प्रेशर एरिया, मानसून ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की एक्टिविटी रही। इस वजह से प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश का दौर बना रहा, लेकिन अब सिस्टम आगे बढ़ गया है। 22 सितंबर तक कहीं भी तेज बारिश होने का अनुमान नहीं है।