फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एमपी वॉर्मर खरीदी पर सवाल: हमीदिया में दो नहीं, 10-12 वॉर्मर और अन्य जिलों से भी मिली गुणवत्ता की शिकायत

सार

मध्यप्रदेश में नवजात शिशुओं के इलाज में इस्तेमाल होने वाले रेडिएंट वॉर्मर की खरीदी में में नया खुलासा है। हमीदिया में दो नहीं 10 से 12 वॉर्मर की प्लेट चटकी मिली और एक का मदर बोर्ड खराब मिला। साथ ही अन्य जिलों से भी शिकायतें मिली हैं। 
विज्ञापन
हमीदिया अस्पताल - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मध्यप्रदेश में नवजात शिशुओं के लिए उपयोग में आने वाले वॉर्मर की गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों के बीच जानकारी आई कि हमीदिया अस्पताल में सप्लाई 15 में से 10 से 12 के रेडिएंट वॉर्मर की प्लेट चटकी मिली थी। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि वॉर्मर में लगी एक्रेलिक प्लेट गर्मी (हीट) के कारण चटक रही है। हालांकि अब इसकी जांच के लिए अस्पताल प्रबंधन ने एहतियातन  वॉर्मरों को 15 दिन के ट्रायल पर रखा है, ताकि यह देखा जा सके कि हीट के कारण प्लेट दोबारा तो नहीं चटकती।  इस मामले में अमर उजाला ने 26 दिसंबर को 'नवजात शिशुओं के लिए खरीदे करोड़ों के रेडिएंट वॉर्मर घटिया होने से उठे सवाल, जांच के घेरे में सप्लाई सिस्टम' शीर्षक से खबर प्रमुखिता से प्रकाशित की थी। वहीं, यह बात भी सामने आई है कि टेंडर में UPS इनबिल्ट बैटरी बैकअप मांगा गया, लेकिन सप्लायर के द्वारा इन्वर्टर बैटरी सप्लाई करने की बात सामने आई है। इनकी कीमत में अंतर होता है। हालांकि अभी यह जांच का विषय है। 
विज्ञापन


ये भी पढ़ें-  MP News: एमपी कांग्रेस का मीडिया विभाग बना अखाड़ा, संगठनात्मक खींचतान खुलकर आई सामने, अध्यक्ष ने दिया इस्तीफा

हमीदिया अस्पताल के सूत्रों से जानकारी मिली है कि हमीदिया अस्पताल में अब तक 10 से 12 एक्रेलिक प्लेट और एक मदर बोर्ड के खराब होने की पुष्टि हुई है। साथ ही अन्य जिलों से भी शिकायत मिली हैं। वहीं, जांच में यह भी पता चला है कि प्लेट वॉरंटी में भी नहीं आती हैं। हालांकि सप्लायर का कहना है कि उसने शिकायतों के बाद प्लेट बदलने के साथ ही तकनीकी खामियों को दूर किया है।  
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें-  MP Weather Today: एमपी में सर्दी का प्रकोप चरम पर, पारा 3.8 डिग्री, कोहरे से जनजीवन और रेल यातायात प्रभावित

इस मामले में तकनीकी जानकारों का कहना है कि एक्रेलिक प्लेट के एल्कोहोलिक रिएक्शन से चटकने की घटना पहली बार सामने आई है। विशेषज्ञों के अनुसार, वॉर्मर में सामान्यतः पॉलीकार्बोनेट मटेरियल का उपयोग किया जाता है, जो अधिक तापमान सहन करने में सक्षम होता है। यदि प्लेट में निर्धारित मानक के अनुसार पॉलीकार्बोनेट मटेरियल का उपयोग नहीं किया गया है, तो तापमान बढ़ने पर उसके चटकने की संभावना बढ़ जाती है। बता दें नेशनल हेल्थ मिशन की तरफ से मध्य प्रदेश हेल्थ कॉरपोरेशन लिमिटेड (MPHCL) ने प्रदेशभर के उप-स्वास्थ्य केंद्रों, जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों के लिए करीब 900 रेडिएंट वॉर्मर खरीदे। इनकी अनुमानित लागत 6.5 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें