मैनिट के हॉस्टल में जांच करने पहुंची टीम
- फोटो : अमर उजाला
राजधानी के मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट) के हॉस्टल नंबर-10 की मैस में छात्रों को परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। यहां खाना खाने के बाद करीब एक दर्जन छात्रों की तबीयत बिगड़ गई। शिकायत के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मैस की जांच की तो खाना बनाने में दो से तीन बार इस्तेमाल होने वाले तेल और आरओ पानी के टैंक में गंदगी की बात सामने आई। जांच के दौरान मैस का फूड लाइसेंस भी नहीं मिला।खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शनिवार को मैस का निरीक्षण कर वहां इस्तेमाल हो रही खाद्य सामग्री के नमूने लिए। इनमें उड़द दाल, मूंगफली दाना, मोटी सेवई, चना दाल, छोला, चावल और तुअर दाल शामिल हैं। इन नमूनों को जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।
मैस में जरूरी दस्तावेज भी नहीं मिले
जांच के दौरान सिर्फ साफ-सफाई ही नहीं, बल्कि जरूरी दस्तावेजों की कमी भी सामने आई। टीम को मैस का फूड लाइसेंस नहीं मिला। कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस प्रमाण-पत्र, पेस्ट कंट्रोल और खाद्य सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण के दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं कराए गए। निरीक्षण में पता चला कि खाना बनाने में इस्तेमाल होने वाले तेल का दो से तीन बार उपयोग किया जाता है। वहीं, आरओ वॉटर टैंक में गंदगी मिली। टीम ने मैस संचालक को साफ-सफाई दुरुस्त करने और व्यवस्था में सुधार करने के निर्देश दिए हैं।
यह भी पढ़ें-
मध्य प्रदेश में बदला मौसम का मिजाज: दिन में तेज धूप, रात में ठंड, ग्वालियर-चंबल में 2 दिन आंधी-पानी के आसार
सैंपल रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी खाद्य गुणवत्ता
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी शिवराज पावक ने बताया कि मैस से खाद्य सामग्री के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। संचालक को साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। छात्रों की तबीयत बिगड़ने की घटना के बाद अब नमूनों की जांच रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल, छात्रों के बीमार होने की वजह की पुष्टि जांच रिपोर्ट से ही हो सकेगी।