कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह
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मध्यप्रदेश सरकार की पुस्तिका विकास और सेवा के 2 साल में स्कूली शिक्षा से जुड़े आंकड़ों को लेकर कांग्रेस ने सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने पुस्तिका में दिए आंकड़ों की सत्यता की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्य सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव और विधानसभा सचिवालय को पत्र भेजकर आंकड़ों के स्रोत और सत्यापन का ब्योरा मांगा है।
12वीं का रिजल्ट आया नहीं, लाभार्थी कैसे तय हुए?
जयवर्धन सिंह ने खास तौर पर 2025-26 में लैपटॉप और स्कूटर योजनाओं से लाभान्वित छात्रों की संख्या पर सवाल उठाया है। उनका कहना है कि 30 और 31 मार्च 2026 को विधानसभा में युवा विधायक सम्मेलन के दौरान पुस्तिका बांटी गई थी, लेकिन उस समय 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम घोषित नहीं हुए थे। उन्होंने सवाल उठाया कि जब 12वीं का परिणाम ही घोषित नहीं हुआ था, तो 2025-26 में इन योजनाओं से लाभ लेने वाले विद्यार्थियों का आंकड़ा विभाग के पास किस आधार पर उपलब्ध था? कांग्रेस ने इन आंकड़ों का स्रोत, आधार और संबंधित सत्यापन रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की है।
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परीक्षा परिणाम सुधरने के दावे पर भी सवाल
पुस्तिका में 2023-24 की तुलना में 2024-25 में परीक्षा परिणामों में सुधार का दावा किए जाने पर भी जयवर्धन सिंह ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार परीक्षा परिणामों को अपनी उपलब्धि के रूप में पेश कर रही है तो साल-दर-साल परीक्षा परिणाम, उत्तीर्ण प्रतिशत, विद्यार्थियों की संख्या और विभागीय रिपोर्ट भी सार्वजनिक की जानी चाहिए।
शिक्षक नहीं, ऐसे स्कूलों का क्या?
कांग्रेस विधायक ने प्रदेश के उन स्कूलों की स्थिति का भी मुद्दा उठाया, जहां या तो कोई शिक्षक नहीं है या केवल एक शिक्षक के भरोसे स्कूल चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की कमी अभी भी गंभीर चुनौती है और प्रदेश की स्कूली शिक्षा का आकलन करते समय इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
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गलत आंकड़े मिले तो अफसरों पर कार्रवाई की मांग
जयवर्धन सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री के भाषण और सरकार की उपलब्धियों को दर्शाने वाली पुस्तिका में यदि गलत या बिना पुष्टि वाले आंकड़े प्रकाशित हुए हैं तो यह गंभीर मामला है। उन्होंने पूरे मामले की जांच कर गलत जानकारी देने या प्रकाशित कराने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने और कार्रवाई की मांग की है।