भोपाल के नीलम पार्क में शिक्षक भर्ती में पदवृद्धि और दूसरी काउंसलिंग की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तक अपनी मांग पहुंचाई। वर्ग-1 के अभ्यर्थियों ने शिवराज से कहा कि भर्ती उनके कार्यकाल की है, जबकि वर्ग-2 और वर्ग-3 के अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री का काफिला रोककर पद बढ़ाने की मांग रखी।
तीन वर्गों के अभ्यर्थी सड़क पर, दोनों नेताओं तक पहुंचाई मांग
भोपाल में शिक्षक भर्ती को लेकर चल रहा आंदोलन अब सीधे सरकार के शीर्ष नेताओं तक पहुंच गया है। शुक्रवार को वर्ग-1 चयन परीक्षा 2023 के अभ्यर्थियों ने नीलम पार्क के पास केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का काफिला रोककर ज्ञापन दिया। वहीं वर्ग-2 और वर्ग-3 शिक्षक भर्ती 2025 के अभ्यर्थियों ने बरखेड़ी के पास मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का काफिला रोककर पद बढ़ाने की मांग रखी। वर्ग-1 के अभ्यर्थियों ने शिवराज सिंह चौहान से कहा कि यह भर्ती आपके समय की है, इसलिए आपको हमारी मांग सुननी होगी। उनका कहना है कि पदवृद्धि और दूसरी काउंसलिंग के लिए वे लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। नीलम पार्क में वर्ग-1 के अभ्यर्थियों की भूख हड़ताल को 12 दिन हो चुके हैं।
8720 पद घोषित, नियुक्ति सिर्फ 2901 पर
अभ्यर्थियों के मुताबिक उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती परीक्षा 2023 में 8720 पद विज्ञापित किए गए थे। पहली काउंसलिंग में इनमें से सिर्फ 2901 पदों पर नियुक्ति हुई। उनका दावा है कि 5819 पदों पर अब तक काउंसलिंग नहीं हुई है।
अभ्यर्थी 10 हजार अतिरिक्त पद जोड़कर दूसरी काउंसलिंग कराने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि लंबे अंतराल के बाद भर्ती होने के कारण कई अभ्यर्थी अब उम्र सीमा पार करने की स्थिति में हैं।
वर्ग-2 और वर्ग-3 ने भी मुख्यमंत्री से मांगा बड़ा भर्ती विस्तार
वर्ग-2 और वर्ग-3 के अभ्यर्थियों का आंदोलन भी करीब 15 दिन से नीलम पार्क में चल रहा है। शुक्रवार को उन्होंने मुख्यमंत्री का काफिला रोककर ज्ञापन सौंपा। अभ्यर्थियों ने वर्ग-2 में कम से कम 10 हजार और वर्ग-3 में 25 हजार पद बढ़ाने की मांग की है। वर्ग-2 में हर विषय में कम से कम 3 हजार पद बढ़ाने और पदवृद्धि के बाद दूसरी काउंसलिंग शुरू करने की मांग भी रखी गई है। वर्ग-3 के अभ्यर्थी प्राथमिक शिक्षक भर्ती में पदों की संख्या बढ़ाकर 25 हजार करने की मांग कर रहे हैं।
खाली पदों का हवाला देकर सरकार से सवाल
अभ्यर्थियों ने अपने ज्ञापन में स्कूल शिक्षा और जनजातीय कार्य विभाग में बड़ी संख्या में शिक्षक पद रिक्त होने का हवाला दिया है। उनके अनुसार 27 दिसंबर 2024 की स्थिति में स्कूल शिक्षा विभाग में करीब 99,197 माध्यमिक और 1,31,152 प्राथमिक शिक्षक पद रिक्त थे। इसी तरह जनजातीय कार्य विभाग में करीब 43,734 माध्यमिक और 54,625 प्राथमिक शिक्षक पद रिक्त होने का दावा किया गया है। अभ्यर्थियों का सवाल है कि जब विभागों में इतने पद खाली हैं, तो मौजूदा भर्ती में पदों की संख्या सीमित क्यों रखी गई है।
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15 हजार स्वीकृत पद मौजूदा भर्ती में जोड़ने की मांग
अभ्यर्थियों ने इसी बजट सत्र में स्वीकृत 15 हजार शिक्षक पदों को वर्ग-2 और वर्ग-3 की वर्तमान भर्ती में शामिल करने की मांग की है। उनका तर्क है कि ऐसा करने से अलग से नई भर्ती और परीक्षा कराने में लगने वाला समय और सरकारी खर्च दोनों बच सकते हैं। पदवृद्धि की मांग को लेकर वर्ग-2 और वर्ग-3 के अभ्यर्थी पिछले 7-8 महीने से आंदोलन कर रहे हैं। अब शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तक मांग पहुंचने के बाद अभ्यर्थियों की नजर सरकार के अगले फैसले पर है।