उपछाया चंद्रग्रहण और शाम को सुपरमून
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नेशनल अवार्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने बताया कि देश एवं मध्यप्रदेश के पश्चिमी भागों में सुबह-सबेरे जब चंद्रमा पश्चिम में अस्त होने को होगा तो वह कुछ मिनट के लिये उपछाया ग्रहण के साये में होगा। चंद्रमा और सूर्य के बीच पृथ्वी के आ जाने से चंद्रमा इस समय पृथ्वी की उपछाया वाले भाग में होगा जिससे उसकी चमक में मामूली कमी आयेगी। खाली आंखों से देखने पर तो इसे महसूस नहीं किया जा सकता लेकिन टेलिस्कोप से इसे देखा जा सकता है।
मध्यप्रदेश के उज्जैन, देवास, इंदौर, रतलाम, धार, बड़वानी, झाबुआ, खरगौन, नीमच आदि जिलों में कुछ मिनिट तक उपछाया चंद्रग्रहण की यह खगोलीय घटना होगी । प्रदेश के बाकी भागों में सुबह सूर्य उदित हो जाने और चंद्रमा के अस्त हो जाने से इसे नहीं देखा जा सकेगा। सारिका ने बताया कि शाम को पूर्व में जब चंद्रमा उदित होगा तो वह पृथ्वी से इसकी दूरी कम होकर मात्र 3 लाख 57 हजार 286 किमी रह जायेगी। पास आ जाने के कारण चंद्रमा अपेक्षाकृत बड़ा और अधिक चमकीला दिखेगा और सुपरमून कहलायेगा। इसे कार्नमून, हार्वेस्ट मून भी नाम दिया गया है। इसे पूरे देश में देखा जा सकेगा।