फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

धान खरीदी घोटाला: धान की जगह मिला भूसा, पांच करोड़ का घपला, EOW ने की 150 समितियों और 140 वेयरहाउस की जांच

Thu, 06 Mar 2025 09:57 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, भोपाल, मध्य प्रदेश

सार

मध्यप्रदेश में धान उपार्जन घोटाले को लेकर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने बड़ी कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर किए गए इस छापेमारी अभियान में 12 जिलों की 150 उपार्जन समितियों और 140 वेयरहाउस की जांच की गई। अब तक की जांच में 19,910.53 क्विंटल धान की हेराफेरी के सबूत मिले हैं, जिसकी कीमत लगभग 5 करोड़ रुपये आंकी गई है।
विज्ञापन
एमपी में धान उपार्जन में घोटाला - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मध्य प्रदेश में धान उपार्जन घोटाले पर सख्त रुख अपनाते हुए आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने प्रदेशभर में बड़ी कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर की गई इस छापेमारी में 12 जिलों की 150 उपार्जन समितियों और 140 वेयरहाउस की जांच की गई। अब तक की जांच में 19,910.53 क्विंटल धान की हेराफेरी के सबूत मिले हैं, जिसकी कीमत लगभग पांच करोड़ रुपये आंकी गई है। इस कार्रवाई में कई समितियों में व्यापक स्तर पर फर्जीवाड़ा सामने आया है, जिसमें पदाधिकारियों के साथ ट्रांसपोर्टर, वेयरहाउस और राइस मिलों की संलिप्तता भी उजागर हुई है।
विज्ञापन


किसानों का फर्जी पंजीयन कर खरीद लिया धान 
प्रदेश में कई स्थानों पर धान उपार्जन में गड़बड़ियों की शिकायतें मिल रही थीं। EOW की 25 टीमों ने इस पर कार्रवाई करते हुए 12 जिलों में जांच अभियान चलाया। सतना जिले के कनक वेयरहाउस में 535 क्विंटल धान के स्थान पर भूसी पाई गई, जो इस घोटाले की गंभीरता को दर्शाती है। EOW को कई समितियों में यह भी पता चला कि किसानों का फर्जी पंजीयन कर बिना धान उपार्जित किए ही ई-उपार्जन पोर्टल पर रिकॉर्ड दर्ज कर दिया जाता था। इसके बाद ट्रांसपोर्ट और वेयरहाउस के फर्जी दस्तावेज तैयार कर सरकारी भुगतान प्राप्त किया जाता था।

79 से अधिक पदाधिकारियों पर कार्रवाई जारी
अब तक 79 से अधिक उपार्जन समिति पदाधिकारियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इसके अलावा ट्रांसपोर्टर, वेयरहाउस और राइस मिलों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस घोटाले पर कड़ा संज्ञान लेते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसानों के हक पर डाका डालने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। EOW की टीमें लगातार जांच कर रही हैं और संभावना है कि अन्य जिलों में भी बड़े घोटाले सामने आ सकते हैं। इस मामले में आगे भी कई गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इन जिलों में हुई जांच 
EOW ने बालाघाट, जबलपुर, डिंडोरी, रीवा, सतना, मैहर, सागर, पन्ना, ग्वालियर, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर और श्योपुर जिलों में कार्रवाई की।

जांच में मिले हेराफेरी के आंकड़े
सतना: 4,203.8 क्विंटल धान की हेराफेरी
मैहर: 210 क्विंटल
बालाघाट की उपार्जन समितियां- 
बजियादंड: 747.22 क्विंटल
रामपायली: 594.79 क्विंटल
बम्हनी: 467.82 क्विंटल
हरदोली: 497.38 क्विंटल
मेहकेपार-1: 1,570.07 क्विंटल
मेहकेपार-2: 1,779.37 क्विंटल
परसवाडाघाट: 573.62 क्विंटल 
टाकाबर्रा केंद्र घनाड़ी: 601.54 क्विंटल 
कूमादेही केंद्र बोदा: 1355.41 क्विंटल 
उकवा: 289.85 क्विंटल 
चरेगांव: 1487.74 क्विंटल
कूमादेही: 1324.15 क्विंटल 
कारंजा: 753.34 क्विंटल 
नांदी: 704.40 क्विंटल 
कटेधरा: 667.63 क्विंटल 
टाकाबर्रा: 102.68 क्विंटल 
केंद्र 1 मोहगांव और केंद्र 2 जोनपुर: 497.27 क्विंटल 
केंद्र1 पलहेरा-केंद्र 2 मण्डई:30.77 क्विंटल 
डिंडोरी: सरहरी – 1,050.80 क्विंटल
सागर: छिरारी – 401.03 क्विंटल
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें