हार्वर्ड मेडिकल स्कूल ऑन्कोलॉजी ट्रेनिंग प्रोग्राम
- फोटो : अमर उजाला
एम्स भोपाल ने कैंसर उपचार के वैश्विक मंच पर एक और प्रभावी उपस्थिति दर्ज कराई है। मेडिकल ऑन्कोलॉजी एवं हीमैटोलॉजी विभाग की फैकल्टी डॉ. आकांक्षा चौधरी ने मुंबई में आयोजित प्रतिष्ठित हार्वर्ड मेडिकल स्कूल ऑन्कोलॉजी ट्रेनिंग प्रोग्राम में सक्रिय भागीदारी कर संस्थान और प्रदेशदोनों की प्रतिष्ठा बढ़ाई। इस उच्च स्तरीय कार्यक्रम में डाना फ़ार्बर कैंसर इंस्टीट्यूट (बोस्टन), बेथ इस्राइल डीकॉनेस मेडिकल सेंटर (बोस्टन) जैसे विश्व के शीर्ष कैंसर संस्थानों के विशेषज्ञों के साथ देशभर के प्रमुख ऑन्कोलॉजिस्ट शामिल हुए। टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल और फोर्टिस हॉस्पिटल के विशेषज्ञों की मौजूदगी ने चर्चा को और गहन और उपयोगी बनाया।
फेफड़े और स्तन कैंसर तेजी से हो रहा विकसित
ट्रेनिंग के दौरान फेफड़ों और स्तन कैंसर में तेजी से विकसित हो रही नई दवाओं, इम्यूनोथेरेपी, टारगेटेड थेरेपी और व्यक्तिगत उपचार (पर्सनलाइज्ड मेडिसिन) पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। इन नई तकनीकों के चलते कैंसर इलाज अब पहले से अधिक सटीक, सुरक्षित और लंबे समय तक प्रभावी होता जा रहा है।
यह भी पढ़ें-
MP में ठंड से थोड़ी राहत, अब घने कोहरे की मार, कई शहरों में विजिबिलिटी 100 मीटर तक घटी
एम्स भोपाल के चिकित्सकों को वैश्विक शोध से जोड़ने का अवसर
डॉ. आकांक्षा चौधरी की भागीदारी ने न केवल एम्स भोपाल के चिकित्सकों को वैश्विक शोध से जोड़ने का अवसर दिया, बल्कि इससे आने वाले समय में प्रदेश के मरीजों को विश्वस्तरीय कैंसर उपचार उपलब्ध कराने का रास्ता भी और मजबूत हुआ है। एम्स भोपाल लगातार ऐसे अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में भाग लेकर अपने विशेषज्ञ डॉक्टरों को लेेटेस्ट रिसर्च और एडवांस्ड क्लिनिकल तकनीकों से अपडेट कर रहा है, जिसका सीधा फायदा आम जनता तक पहुंच रहा है। इस कार्यक्रम का बड़ा संदेश साफ है। भारत तेजी से कैंसर उपचार के वैश्विक मानकों की ओर बढ़ रहा है, और एम्स भोपाल इस बदलाव का महत्वपूर्ण केंद्र बनता जा रहा है।
यह भी पढ़ें-
एमबीबीएस व एमडी डॉक्टरों को हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेटर बनाने की मांग, डिप्टी सीएम को लिखा पत्र