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अब किताब पर बवाल: स्कूलों में आरएसएस की किताबें पढ़ाने पर सियासत गर्म, कांग्रेस बोली जाएंगे अदालत

Mon, 12 Aug 2024 04:32 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

प्रदेश के स्कूल-कॉलेजों में संघ लेखकों की किताबें पढ़ाए जाने का निर्णय उच्च शिक्षा विभाग ने किया है। इसके लिए विधिवत आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। कांग्रेस इस फैसले के खिलाफ अदालत जाने की तैयारी कर रही है।
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मप्र के स्कूल-कॉलेजों में आरएसएस के लेखकों की किताबें पढ़ाने की तैयारी है। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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प्रदेश के स्कूल और कॉलेजों में आरएसएस के लेखकों की किताबें पढ़ाए जाने के शिक्षा विभाग के फैसले पर सियासत गर्म होती जा रही है। जहां भाजपा ने इस निर्णय को उचित ठहराया है। वहीं कांग्रेस इस फैसले के खिलाफ अदालत जाने की तैयारी कर रही है।
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जानकारी के मुताबिक प्रदेश के स्कूल-कॉलेजों में संघ लेखकों की किताबें पढ़ाए जाने का निर्णय उच्च शिक्षा विभाग ने किया है। इसके लिए विधिवत आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। उच्च शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर कहा है कि प्रदेश के सभी कॉलेजों की लाइब्रेरी में 88 किताबें अनिवार्यता के साथ रखें। आदेश में कहा गया है कि किताबों की एक-एक प्रति आवश्यक रूप से रखी जाए।

भाजपा ने किया समर्थन
भारतीय ज्ञान परस्पर प्रकोष्ठ के तहत संघ नेताओं की लिखी किताबें पढ़ाई जाएंगी। आरएसएस नेताओं की किताबें पढ़ाने का भाजपा ने समर्थन किया है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि इसमें कोई ग़लत बात नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का तो काम ही विरोध करना है।
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कांग्रेस जाएगी अदालत
स्कूलों में संघ के लेखकों की किताबें पढ़ाने के फैसले का कांग्रेस ने विरोध किया है। पूर्व कांग्रेस विधायक कुणाल चौधरी ने इस मामले को लेकर कहा कि भाजपा नफरत फैलाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा देश के ज्ञान प्रकोष्ठ को अज्ञान प्रकोष्ठ बनाने में जुटी दिखाई दे रही है। चौधरी ने कहा कि सरकार के फैसले के खिलाफ कांग्रेस कोर्ट जाएगी।
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