राजधानी की निजी स्कूलों की अवैध वसूली पर नहीं हुई कार्रवाई
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राजधानी भोपाल में 20 जुलाई के आसपास सभी स्कूल खुल जाएंगे। निजी स्कूलों में अवैध फीस वसूली का मामला लगातार गरमाया हुआ है। इसे लेकर अब कांग्रेस मुखर हो गई है। राजधानी भोपाल में प्राइवेट स्कूलों की मनमानी के विरोध में भोपाल ग्रामीण, युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष गोपील कोटवाल ने जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। साथ ही कार्रवाई ना होने पर आंदोलन करने की बात भी कहीं है।
जिला शिक्षा अधिकारी को सौपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि मेरा आप से आग्रह है कि भोपाल जिले में भी बड़े-बड़े स्कूल मनमाने तरीके से बड़ी फीस वसूली अभिभावकों से कर रहे है तथा बाहर से महंगे रेट पर किताबें खरीदने पर दबाव बना रहे है। आप ने ऐसे कौन से स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की है। इसकी जानकारी एवं कार्रवाई न करने का क्या कारण है? 20 जून से भोपाल जिले के लगभग सभी स्कूल खुल जाएंगे। उसके बाद यदि जिला प्रशासन कार्रवाई करेगा तो स्पष्ट होगा कि जिला शिक्षा अधिकारी एवं जिला प्रशासन शिक्षा माफियाओं से मिलीभगत कर अभिभावकों के साथ अत्याचार कर रहे है।'
जिला शिक्षा अधिकारी से मांगे इन सवालों के जवाब
- क्या भोपाल जिले के सभी प्राईवेंट स्कूलों ने आपनी आडिट रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड की हैै?
- क्या भोपाल जिले के सभी प्राईवेंट स्कूल अपनी वार्षिक प्राप्तियों का आधिक्य कुल प्राप्तियों के 15 फीसदी से कम है?
- क्या भोपाल जिले के सभी प्राईवेंट स्कूलों ने अपने औचित्य सहित फीस वृद्धि की सूचना सत्र प्रारंभ होने के 90 दिवस की अवधि में दे दी है?
- क्या भोपाल जिले के सभी प्राईवेंट स्कूलों ने अपने 10 फीसदी से अधिक फीस वृद्धि के लिये सक्षम स्वीकृति जिला कलेक्टर या राज्य शासन से प्राप्त कर ली है?
निजी स्कूलों की मनमानी जारी
भोपाल के नीजी स्कूलों में मनमानी तरीके से इस वर्ष भी फीस की वृद्धि करना एवं अपने संपर्क वाले बुक स्टेशनरी से महंगी किताबें खरीदने की मनमानी चल रही है। उन्होंने आगे कहा कि, 25 जनवरी 2018 को राज्य शासन ने फीस वृद्धि के पैमाने तय कर दिए है। भोपाल के सभी प्राईवेंट स्कूलों ने इन चारों मापदंड़ों का सख्ती से पालन किया है की नहीं। महोदय आप अवैध फीस वसूली के खिलाफ कार्रवाई नहीं करते है तो शिक्षा मंत्री एवं जिला शिक्षा अधिकारी के खिलाफ युवा कांग्रेस भोपाल उग्र आंदोलन करेगी।