मध्यप्रदेश में पुलिस विभाग में एक नई पहल शुरू की गई है। इसके तहत योग्य, वरिष्ठ और जिनके खिलाफ विभागीय जांच नहीं चल रही हो, ऐसे 250 वरिष्ठ निरीक्षकों को जल्द ही डीएसपी बनाया जाएगा। प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को एक कार्यक्रम बोलते हुए यह घोषणा दोहराई।
गृह विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, राज्य सरकार से अनुमोदन के बाद इनकी तैनाती होगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को कहा कि इससे संबंधित गृह विभाग जल्द ही नोटिफिकेशन जारी करेगा। प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार का एक साल पूरा होने पर वे मिंटो हॉल में एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। डीएसपी के शेष 183 पदों को कैबिनेट से मंजूरी के बाद सीधी भर्ती से भरा जाएगा।
अतिरिक्त वेतनमान नहीं मिल सकेगा
जानकारी के मुताबिक, कार्यवाहक डीएसपी के बारे में यह स्पष्ट कर दिया गया है कि जो भी वरिष्ठ निरीक्षक इस पद पर जाएगा, वह इस पद की वर्दी या ड्रेस के साथ अधिकारों का इस्तेमाल तो करेगा, लेकिन भविष्य में यदि इस पद के लिए वैकेंसी बनती है, तो वरिष्ठता का दावा नहीं कर पाएगा। न ही अतिरिक्त वेतनमान या भुगतान की बात कर सकेगा।
गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा ने बताया कि सक्षम स्तर से तमाम स्वीकृतियां ली जा चुकी हैं।