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NEET परीक्षा रद्द: MP के 14 हजार छात्रों पर असर,भोपाल में प्रदर्शन,शिक्षा मंत्री और NTA अध्यक्ष का फूंका पुतला

Tue, 12 May 2026 06:33 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल

सार

नीट-यूजी 2026 परीक्षा रद्द होने से मध्य प्रदेश के करीब 14 हजार छात्र प्रभावित हुए हैं। भोपाल में एनएसयूआई ने पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और एनटीए अध्यक्ष प्रदीप जोशी का पुतला फूंका। छात्रों ने परीक्षा रद्द होने को भविष्य और मेहनत के साथ खिलवाड़ बताया।
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नीट-यूजी 2026 रद्द होने पर भोपाल में विरोध प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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 देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी 2026 रद्द होने का असर मध्य प्रदेश के करीब 14 हजार अभ्यर्थियों पर पड़ा है। पेपर लीक मामले की जांच केंद्र सरकार ने सीबीआई को सौंप दी है, लेकिन परीक्षा रद्द होने से छात्रों और अभिभावकों में भारी नाराजगी है। इसी मुद्दे को लेकर मंगलवार को भोपाल में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं और छात्रों ने प्रदर्शन किया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान व एमटीए अध्यक्ष प्रदीप जोशी का पुतला दहन किया। प्रदर्शन एमपी नगर में  किया गया, जहां बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और एनएसयूआई कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदर्शन का नेतृत्व एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने किया।
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छात्रों ने कहा- मेहनत पर फिरा पानी
नीट अभ्यर्थी सार्थक यादव ने कहा कि पूरे साल मेहनत करके परीक्षा दी थी, लेकिन आखिर में एग्जाम रद्द हो गया। अब फिर से तैयारी करनी पड़ेगी। इससे मानसिक तनाव बढ़ गया है। भोपाल की छात्रा राखी ने कहा कि 2024 में भी यही हुआ था और अब 2026 में फिर वही स्थिति बन गई। लाखों बच्चों की मेहनत बेकार हो रही है। कोई गारंटी नहीं कि अगले साल ऐसा नहीं होगा।

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30 लाख छात्रों के भविष्य से खिलवाड़

एनएसयूआई नेताओं ने आरोप लगाया कि हर वर्ष परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ी सामने आती है और इसका खामियाजा मेहनत करने वाले छात्रों को भुगतना पड़ता है। रवि परमार ने कहा कि इस साल भी नीट पेपर लीक की घटना से 30 लाख से अधिक छात्र प्रभावित हुए हैं। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में गठित न्यायिक समिति से कराई जाए।

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शिक्षा माफिया कर रहे व्यवस्था को कमजोर
एनएसयूआई के भोपाल जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर ने आरोप लगाया कि शिक्षा माफिया पैसे लेकर परीक्षा व्यवस्था को प्रभावित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि गरीब और मध्यम वर्ग के छात्र पूरे साल मेहनत कर परीक्षा की तैयारी करते हैं, लेकिन परीक्षा रद्द होने से वे मानसिक तनाव और अवसाद का शिकार हो रहे हैं। प्रदर्शन में जिला उपाध्यक्ष लकी चौबे, अमित हटिया, अनिमेष गोंडली सहित बड़ी संख्या में छात्र, कोचिंग स्टूडेंट्स और पुलिसकर्मी मौजूद रहे।

 
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