मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के अभ्यास वर्ग के पहले दिन कार्यकर्ताओं ने सच्चे, अच्छे और ईमानदार नागरिक बनने का पाठ पढ़ा। इस बीच सर्वसहमति से प्रस्ताव पारित हुआ कि मुस्लिम लीग भारत विभाजन की अपराधी है। प्रस्ताव में यह भी पारित हुआ कि भारतीय मुसलमानों को वोट बैंक की कीमत नहीं बनना है, बल्कि खुद्दारी वाले भारतीय मुसलमान बनना है। इस बीच यह भी प्रस्ताव पारित हुआ कि पवित्र कुरान के निर्देशों और सिद्धांतों के अनुसार हमें अपने राष्ट्र के प्रति कर्तव्य को अन्य सभी चीजों के ऊपर मानना चाहिए और इसी किरदार पर चलते हुए इंसानियत के मालिक बनने का रास्ता बनना चाहिए न कि गुनहगार बनने की कवायद होनी चाहिए।
मंच ने यह भी माना कि भारत के लगभग 99 फीसदी के आसपास मुसलमान अपने पूर्वजों, संस्कृति, परंपराओं और मातृभूमि के कारण हिंदुस्तानी हैं जबकि धर्म के आधार पर देश के विभाजन के लिए कांग्रेस और मुस्लिम लीग के नेता जिम्मेदार हैं। इस मौके पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेता इंद्रेश कुमार ने कहा कि कुरान शरीफ में लिखा है कि मुसलमान दुनिया के चारों तरफ यानि अनेकों देशों में फैले होंगे, लेकिन साथ ही यह भी सीख दी गई कि जिस देश में उस देश को अपना मानो और उससे पूरी ईमानदारी बरतो। उन्होंने जोर दिया कि आज पूरे विपक्ष की नजर हमारे इस अभ्यास वह पर लगी है।
संघ नेता ने बिना राहुल गांधी का नाम लेते हुए निशाना साधा कि जिस मुस्लिम लीग के कारण विभाजन की नीव पड़ी उसी की तरफदारी आजादी के अमृतकाल में करने का कोई मकसद नहीं बनता है। इस तरह की बातों से शंका होती है कि क्या तथाकथित धर्मनिरपेक्ष दल केवल टुकड़े- टुकड़े की राजनीति करना चाहते हैं। आरएसएस के संपर्क प्रमुख राम लाल ने अपने परिचित अंदाज में अपनी बातें रखीं।
कार्यक्रम में सबसे पहले हाल ही में हुए ट्रेन दुर्घटना में मारे जाने वाले लोगों के लिए शोक प्रकट किया और श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम का शुभारंभ मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के मुख्य संरक्षक इंद्रेश कुमार, आरएसएस के संपर्क प्रमुख राम लाल, मंच के राष्ट्रीय संयोजक शाहिद अख्तर, माजिद तालिकोटी, रेशमा हुसैन और मध्य प्रदेश के संयोजक फारूक खान ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।