मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ रहा है। मौसम विभाग ने बुधवार को प्रदेश के पांच जिलों में अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, नर्मदापुरम और रायसेन में अगले 24 घंटे के दौरान चार इंच से अधिक बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा 10 अन्य जिलों में भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
इन जिलों में रहेगा सबसे ज्यादा असर
भारी बारिश की चेतावनी वाले जिलों में देवास, सीहोर, हरदा, बैतूल, पांढुर्णा, सागर, नरसिंहपुर, दमोह, जबलपुर और छतरपुर शामिल हैं। मौसम विभाग का कहना है कि कई स्थानों पर तेज बारिश के साथ गरज-चमक की स्थिति भी बन सकती है।
क्यों बदला मौसम?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार प्रदेश के ऊपर से गुजर रही मानसूनी द्रोणिका और सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण के कारण बारिश का नया दौर शुरू हुआ है। एक अन्य मौसम तंत्र पश्चिमी हिस्से में भी सक्रिय है। ओडिशा, दक्षिण झारखंड और उत्तर छत्तीसगढ़ की ओर से बढ़ रहा यह सिस्टम मध्य प्रदेश के पूर्वी और मध्य क्षेत्रों में अच्छी बारिश कराएगा। इसके बाद यह धीरे-धीरे कमजोर पड़ते हुए निम्न दबाव के क्षेत्र में बदल सकता है।
इन शहरों में भी होगी बारिश
भोपाल, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, कटनी, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, पन्ना, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है।
मंगलवार को भी कई जगह बरसे बादल
मंगलवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। भोपाल में दिनभर बादल और हल्की फुहारों का दौर चलता रहा, जबकि मुरैना समेत कई जिलों में तेज बारिश हुई। रात के समय भी कई इलाकों में मौसम बदला रहा।
बारिश की कमी अब भी बरकरार
प्रदेश में अब तक औसतन 13.6 इंच (345.9 मिमी) बारिश दर्ज हुई है, जबकि इस समय तक 16.5 इंच (418.4 मिमी) बारिश हो जानी चाहिए थी। यानी प्रदेश में अब भी करीब 17 प्रतिशत बारिश की कमी बनी हुई है। पूर्वी हिस्से में 18 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 17 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग को उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों की बारिश से यह कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है।
1 अगस्त तक बना रहेगा असर
एमपी में मानसून ने फिर रफ्तार पकड़ ली है। बुधवार को 5 जिलों में अति भारी और 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। अगले 24 घंटे में कुछ इलाकों में 4 इंच से ज्यादा बारिश हो सकती है। सक्रिय मानसूनी तंत्र के चलते 1 अगस्त तक प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि सक्रिय मौसम तंत्र का प्रभाव 1 अगस्त तक बना रहेगा। इस दौरान कई जिलों में अति भारी बारिश और लगातार बरसात का दौर देखने को मिल सकता है।
अधिकांश जिले अब भी सामान्य से पीछे
प्रदेश के 47 जिलों में अब तक सामान्य से कम बारिश हुई है। केवल भोपाल, भिंड, बुरहानपुर, देवास, इंदौर, मंदसौर, राजगढ़ और सीहोर ऐसे जिले हैं, जहां सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। इनमें देवास सबसे आगे है, जहां सामान्य से करीब 29 प्रतिशत अधिक वर्षा हो चुकी है।
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जुलाई का आंकड़ा भी उम्मीद से कम
जून में कमजोर मानसून के बाद जुलाई की शुरुआत में अच्छी बारिश हुई थी, लेकिन पिछले कई दिनों तक तेज बारिश नहीं होने से प्रदेश का वर्षा आंकड़ा फिर सामान्य से नीचे चला गया। अब मौसम विभाग को उम्मीद है कि नए सक्रिय सिस्टम से जुलाई के अंतिम दिनों और अगस्त की शुरुआत में बारिश का संतुलन बेहतर होगा।