हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में हो रही बर्फबारी का असर अब मध्य प्रदेश पर साफ दिखने लगा है। पिछले तीन दिन से शीतलहर चल रही है, जबकि प्रदेशभर में तापमान लगातार गिर रहा है। कई शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। गुरुवार को पचमढ़ी में दिन का अधिकतम तापमान 24.2 डिग्री, भोपाल का 27.2 डिग्री और उज्जैन का 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रदेश के ज्यादातर जिलों में दिन का तापमान 28 डिग्री से नीचे रहा। वहीं, रात का पारा भी तेजी से गिरा है। इंदौर में 7.6 डिग्री, भोपाल में 8.2 डिग्री, जबलपुर में 9.9 डिग्री, ग्वालियर में 11.4 डिग्री और उज्जैन में 10.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सबसे ठंडा रहा राजगढ़, जहां न्यूनतम तापमान 7.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके अलावा, उमरिया और छतरपुर के नौगांव में 8.4 डिग्री, रीवा में 8.9 डिग्री, शिवपुरी में 9 डिग्री, बालाघाट के मलाजखंड में 9.8 डिग्री, मंडला में 10.1 डिग्री, बैतूल-छिंदवाड़ा में 10.2 डिग्री और दतिया में 10.9 डिग्री सेल्सियस रहा।
इन जिलों में शीतलहर का असर
मौसम विभाग के मुताबिक भोपाल, राजगढ़ और इंदौर में तीव्र शीतलहर चल रही है। वहीं सीहोर, शाजापुर, रीवा और शहडोल में भी ठंडी हवाओं का असर दिखा। बालाघाट और अनूपपुर में दिनभर शीतल दिन की स्थिति रही। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तर भारत में हो रही बर्फबारी और ठंडी हवाओं का सीधा असर मध्यप्रदेश पर पड़ रहा है। अगले कुछ दिनों में तापमान में और गिरावट की संभावना है।
यह भी पढ़ें
-नवंबर में ही कांपा मध्यप्रदेश, आज प्रदेश के 23 जिलों में शीतलहर का अलर्ट
नवंबर में टूटा 25 साल का रिकॉर्ड
इस बार ठंड ने नवंबर में ही पिछले कई रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। भोपाल और इंदौर में पारा 25 साल में सबसे नीचे चला गया है। मौसम विभाग के वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि हिमालय क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) सामान्य से एक सप्ताह पहले सक्रिय हो गया। इसी कारण जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भारी बर्फबारी हो रही है, और उत्तरी हवा के रुख के चलते ठंडी लहरों का असर मध्यप्रदेश तक पहुंच गया है।
यह भी पढ़ें-
SIR प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस ने बनाई रणनीति,हर ब्लॉक में बनेगी निगरानी टीम, पटवारी ने आयोग को घेरा
पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवा बनी ठंड की वजह
मौसम विभाग के वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि इस बार वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) सामान्य से एक सप्ताह पहले सक्रिय हो गया है। इसके कारण हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में भारी बर्फबारी हो रही है। वहीं, उत्तर से दक्षिण की ओर बहने वाली हवाओं ने मध्य प्रदेश में ठंड को और बढ़ा दिया है।