मध्य प्रदेश में फरवरी का महीना किसानों पर भारी पड़ता दिख रहा है। एक बार फिर सक्रिय मौसम प्रणाली के चलते प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, आंधी और ओलावृष्टि ने फसलों को नुकसान पहुंचाया है। शिवपुरी जिले के पिछोर, करैरा, नरवर और शिवपुरी क्षेत्र में तेज बारिश के साथ बड़े ओले गिरे। लालगढ़, रायश्री और टोंगरा गांवों में खेत ओलों की मोटी परत से ढक गए। सरसों, चना, गेहूं और टमाटर की खड़ी फसल को नुकसान होने की खबर है। किसान नुकसान का आकलन करने में जुटे हैं। जबलपुर में दिनभर तेज धूप के बाद शाम को अचानक बादल छा गए। धूल भरी आंधी और तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश दर्ज की गई। सीधी में भी दोपहर बाद तेज बारिश हुई।
8 से ज्यादा जिलों में अलर्ट
मौसम विभाग ने मऊगंज, सीधी, सिंगरौली सहित ग्वालियर, मुरैना, रीवा, बड़वानी, धार, दतिया, खरगोन, सागर और दमोह जिलों में आंधी और बारिश की संभावना जताई है। कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
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क्यों बदल रहा मौसम?
भारत मौसम विज्ञान विभाग के भोपाल केंद्र के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने निम्न दबाव क्षेत्र और सक्रिय ट्रफ लाइन के कारण प्रदेश में असर दिख रहा है। पहले पश्चिमी विक्षोभ का अनुमान था, लेकिन सिस्टम आगे बढ़ गया और नई प्रणाली सक्रिय हो गई।
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फरवरी में चौथी बार असर
इससे पहले भी फरवरी में तीन बार बारिश और ओलावृष्टि हो चुकी है। लगातार बदलते मौसम से दिन का तापमान गिरा है, जबकि रात के तापमान में हल्की बढ़ोतरी देखी गई है। पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 10.2 डिग्री दर्ज किया गया। बार-बार हो रही बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। अब सबकी नजर अगले दो दिनों के मौसम पर टिकी है।