राजधानी भोपाल समेत प्रदेश भर के मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। जहां रातें सर्द होने लगी है। पचमढ़ी का तापमान 10.6 डिग्री तक पहुंच गया वहीं प्रदेश के ग्वालियर समेत कई शहरों में अभी भी दिन का तापमान 32 डिग्री से ऊपर दर्ज किया जा रहा है। मौसम विभाग का कहना है कि नवंबर माह में ऐसा ही मौसम बना रहेगा दिसंबर और जनवरी में प्रदेश के सभी क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड देखने को मिलेगी। इन दो महीनों में 20 से 22 दिन कोल्ड वेव की स्थिति रह सकती है। नवंबर माह में इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा है। जबकि भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन में भी रात के समय गुलाबी ठंड देखने को मिल रही है।
पूरे माह में 10 से 15 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा तापमान
पचमढ़ी को छोड़कर प्रदेश के ज्यादा शहरों का तापमान 15 डिग्री सेल्सियस या उससे ज्यादा दर्ज किया जा रहा है। सीनियर मौसम वैज्ञानिक वेदप्रकाश सिंह ने बताया कि नवंबर में पारा 10 से 15 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहेगा। इस साल पिछली बार से ज्यादा सर्दी पड़ेगी। ग्वालियर, उज्जैन और चंबल संभाग सबसे ज्यादा ठिठुरेंगे। यहां कोल्ड वेव यानी सर्द हवाएं भी चलेंगी।वैज्ञानिक वेद प्रकाश का कहना है कि मानसून के चार महीने जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर में से दो महीने जुलाई-अगस्त महत्वपूर्ण रहते हैं। इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है। ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं इसलिए टेम्प्रेचर में गिरावट आती है। वहीं, सर्द हवाएं भी चलती हैं।
ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड में ज्यादा ठंड के आसार
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार दिसंबर की शुरुआत ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड में ठंड जोर पकड़ेगी। हालांकि कड़ाके की ठंड का दौर 20 दिसंबर से शुरू होगा। दिसंबर के आखिरी सप्ताह में प्रदेश के कई शहरों में सर्द हवाएं चलेंगी। जनवरी में यह 20 से 22 दिन तक चल सकती है। ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग के सभी जिलों में कड़ाके की ठंड पड़ेगी। वहीं भोपाल संभाग के सीहोर-विदिशा में ठंड का जोर रहेगा। सागर संभाग के निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़-पन्ना, रीवा संभाग के मऊगंज, सीधी-सिंगरौली में तेज ठंड पड़ेगी। जबलपुर संभाग के मंडला-डिंडौरी, इंदौर संभाग के इंदौर, धार और झाबुआ में कड़ाके की ठंड रहेगी।