मध्यप्रदेश में स्ट्रांग सिस्टम एक्टिव होने की वजह से लगातार तेज बारिश का दौर जारी है। बुधवार को भी कई जिलों में बारिश दर्ज की गई। राजधानी भोपाल में शाम को बारिश शुरू हुई। शहडोल के बाणसागर डैम के 8 गेट खोल गए। वहीं, बैतूल जिले के सारणी में सतपुड़ा बांध के 5 गेट 2 फीट तक खोले गए हैं। आलीराजपुर में हो रही लगातार बारिश से उर नदी में जलस्तर तेजी से बढ़ा है। पुलिया से 3 फीट ऊपर पानी बह रहा है। पानी घरों में घुस गया है। डिंडौरी और मंडला में भी तेज बारिश हुई। यहां नर्मदा नदी में पानी बढ़ रहा है। कई जगहों पर पुल डूब गए हैं।
मध्यप्रदेश में अब तक 18.2 इंच बारिश
मौसम विभाग के आकड़े के अनुसार इस मानसूनी सीजन में मध्यप्रदेश में औसत 18.2 इंच बारिश हो गई है, जो कोटे से आधी है। अब तक की औसत बारिश से यह 72% यानी 5.6 इंच ज्यादा है। अब तक 10.6 इंच पानी गिरता है। निवाड़ी ऐसा जिला है, जहां एक महीने में ही बारिश का आंकड़ा 103% यानी 31.46 इंच पहुंच गया है। इस जिले की सामान्य बारिश साढ़े 30 इंच है। इंदौर और उज्जैन संभाग के जिले पिछड़े हुए हैं। 5 बड़े शहरों में भोपाल में 14.5 इंच, इंदौर में 7 इंच, ग्वालियर में 18.5 इंच, जबलपुर में 21.6 इंच और उज्जैन में 8 इंच पानी गिरा है। वहीं, टीकमगढ़ में 91% (33 इंच), छतरपुर में 75% (28 इंच), शिवपुरी में 82% (25.3 इंच) और मंडला में 75% (35 इंच) बारिश हो चुकी है।
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औसत से 86 प्रतिशत ज्यादा बारिश दर्ज
मध्यप्रदेश के पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में बारिश की स्थिति बेहतर है। इन संभागों के जिलों में औसत से 86 प्रतिशत पानी ज्यादा गिर चुका है। दूसरी ओर, पश्चिमी हिस्से जैसे- भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम में औसत से 57 प्रतिशत ज्यादा बारिश हो चुकी है। इनमें इंदौर और उज्जैन संभाग की स्थिति ठीक नहीं है। कुल 15 जिलों में से 10 ऐसे हैं, जहां बारिश का आंकड़ा 10 इंच तक भी नहीं पहुंचा है।
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अगले 4 दिन तक तेज बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि अभी एक मानसून ट्रफ प्रदेश के ऊपरी हिस्से से गुजर रही है। इसके चलते अति भारी और भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। प्रदेश के नजदीक लो प्रेशर एरिया (कम दबाव का क्षेत्र) एक्टिव होने से फिर से तेज बारिश का दौर शुरू होगा। अगले 4 दिन तक तेज बारिश का अलर्ट है।