गुरुवार को 15 जिलों में पानी गिरा। ग्वालियर और रीवा में 9 घंटे में करीब ढाई इंच बारिश दर्ज की गई। दतिया में पौन इंच, टीकमगढ़, सतना और छतरपुर के खजुराहो में आधा इंच पानी गिरा। सीधी, गुना, सागर, उमरिया, दतिया, मऊगंज, दमोह, सिवनी, मऊगंज में भी बारिश का दौर जारी रहा।
मध्यप्रदेश में लगातार बारिश का दौर चल रहा है। कई जिलों में भारी बारिश से नदियां उफान पर है। गुरुवार को 15 जिलों में पानी गिरा। ग्वालियर और रीवा में 9 घंटे में करीब ढाई इंच बारिश दर्ज की गई। दतिया में पौन इंच, टीकमगढ़, सतना और छतरपुर के खजुराहो में आधा इंच पानी गिरा। सीधी, गुना, सागर, उमरिया, दतिया, मऊगंज, दमोह, सिवनी, मऊगंज में भी बारिश का दौर जारी रहा। राजधानी भोपाल समेत ज्यादातर जिलों में मौसम खुला रहा।
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औसत से 71 फीसदी अधिक बारिश दर्ज
मौसम विभाग द्वारा जारी आकड़े के अनुसार मध्य प्रदेश में 1 जून से 10 जुलाई की अवधि के औसत से 71 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में औसत से 84% अधिक जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश औसत से 60% अधिक वर्षा दर्ज की गई है।
साइक्लोनिक सकुर्लेशन सिस्टम एक्टिव
मौसम विभाग की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि प्रदेश में दो ट्रफ का असर है। वहीं, साइक्लोनिक सकुर्लेशन सिस्टम भी एक्टिव है। इन वजहों से अति भारी या भारी बारिश हो रही है। लो प्रेशर एरिया (कम दवाब का क्षेत्र) की एक्टिविटी अगले कुछ दिन में देखने को मिलेगी। इससे बारिश का दौर जारी रहेगा।
13 जुलाई तक होगी बारिश
मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन दिन यानी, 13 जुलाई तक प्रदेश के ज्यादातर हिस्से में तेज बारिश का दौर रहेगा। 12 जुलाई को मालवा-निमाड़ यानी, इंदौर और उज्जैन संभाग में भी तेज बारिश होने का अनुमान है। इस मानसून इन दोनों संभागों में कम बारिश हुई है। बता दें कि इस बार देश में मानसून 8 दिन पहले ही आ गया था। वहीं, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में यह तय समय से पहले पहुंच गया। ऐसे में अनुमान था कि मध्यप्रदेश में यह जून के पहले सप्ताह में ही आ जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पिछले 15 दिन से मानसून महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में एक ही जगह पर ठहरा रहा। इस वजह से एमपी में इसकी एंट्री नहीं हो पाई। 13-14 जून को मानसून आगे बढ़ा। बावजूद यह प्रदेश में 1 दिन लेट 16 जून को पहुंचा। हालांकि, 5 दिन में ही मानसून ने पूरे प्रदेश को कवर कर लिया।