मध्यप्रदेश में मानसून की गतिविधियां इन दिनों धीमी है। हालांकि तीन-चार दिनों बाद मौसम फिर बदल सकता है। कुछ इलाकों में धीमी बारिश का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए प्रदेश के 20 से ज्यादा जिलों में हल्की बारिश और बिजली गिरने का यलो अलर्ट भी जारी किया है। संभावना जताई जा रही है कि पूर्वी मध्यप्रदेश में वर्षा की गतिविधियों में वृद्धि हो सकती है।
मौसम केंद्र की रिपोर्ट कह रही है कि बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के भोपाल, नर्मदापुरम, जबलपुर, शहडोल संभाग के जिलों में कुछ स्थानों पर, इंदौर, उज्जैन, सागर संभागों के जिलों में कहीं-कहीं वर्षा दर्ज की गई। इस दौरान परसवाड़ा में 40, नैनपुर-मंडला में 30, केवलारी में 20 मिलीमीटर तक पानी गिरा है। अगले 24 घंटों के लिए मौसम विभाग का पूर्वानुमान बता रहा है कि छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट जिलों में कुछ स्थानों पर वर्षा हो सकती है। वहीं विभाग ने यलो अलर्ट भी जारी किया है। जो बता रहा है कि छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, सागर, विदिशा, रायसेन, सीहोर, भोपाल, नर्मदापुरम, हरदा, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, शाजापुर, देवास जिलों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ वज्रपात हो सकता है। पूर्वी मध्यप्रदेश में वर्षा की गतिविधियों में वृद्धि हो सकती है।
मौसम वैज्ञानिक बता रहे हैं कि बंगाल की खाड़ी में एक नया वेदर सिस्टम बन रहा है। इसके बाद प्रदेश में एक बार फिर से तेज वर्षा का दौर शुरू होगा। इसका असर ग्वालियर चंबल संभाग में अधिक देखने को मिल सकता है। नया सिस्टम 16 अगस्त तक ताकतवर हो जाएगा। इससे प्रदेश में कई जगह वर्षा होने लगेगी। इसके सिस्टम के चक्रवात में बदलने की भी संभावना है, जिससे कई जगहों पर भारी वर्षा की स्थिति भी बन सकती है। मध्यप्रदेश में 18 अगस्त तक हल्की बूंदाबांदी का दौर रहेगा। इसके बाद पूर्वी हिस्से में तेज बारिश हो सकती है।