मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई के बाद ठंड का असर दिखने लगा है। राजधानी भोपाल समेत कई जिलों के तापमान में काफी गिरावट आई है। पचमढ़ी में सबसे कम तापमान 14.8 डिग्री सेल्सियस जबकि राजधानी भोपाल में भी 20.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। वहीं दूसरी तरफ कई जिलों में अभी भी बारिश का दौर चल रहा है।मंगलवार को इंदौर, खंडवा और आलीराजपुर जिले में बारिश हुई है। मौसम विभाग के अनुसार खंडवा में 9 घंटे के अंदर पौने दो इंच बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग का कहना है कि लो प्रेशर एरिया और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से पिछले एक सप्ताह से प्रदेश के दक्षिणी हिस्से में बारिश का दौर जारी रहा। नए सिस्टम की एक्टिविटी से तीन दिन बाद प्रदेश के पूर्वी हिस्से में फिर बारिश हो सकती है।
प्रदेश के इन शहरों में रात के तापमान में आई गिरावट
प्रदेश के कई शहरों में रात का तापमान 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया है। पचमढ़ी में रात में पारा 14.8 डिग्री सेल्सियस रहा। यहां की रात प्रदेशभर में सबसे ठंडी रही। छतरपुर जिले के नौगांव, रायसेन, छिंदवाड़ा, खजुराहो, मंडला, नरसिंहपुर, रीवा, सागर, टीकमगढ़, जबलपुर और उमरिया में तापमान 20 डिग्री से कम ही रहा। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन में रात का टेम्प्रेचर 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है, जबकि ग्वालियर समेत दूसरे शहरों में 18-19 डिग्री के बीच है। पचमढ़ी में दिन-रात दोनों ही समय सबसे ठंडा हैं। मौसम विभाग का कहना है कि ठंड का असर धीरे-धीरे बढ़ेगा। पिछले 10 साल का ट्रेंड भी यही है। अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में रात का टेम्प्रेचर तेजी से लुढ़कने लगता है।
अगले तीन दिन तक बारिश होने का अनुमान नहीं
एमपी से 15 अक्टूबर को मानसून लौट चुका है लेकिन सिस्टम की एक्टिविटी की वजह से कई जिलों में बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग के सीनियर वैज्ञानिक वेद प्रकाश ने बताया कि सिस्टम की एक्टिविटी कमजोर होने के बाद अगले 3 दिन तक बारिश होने का अनुमान नहीं है। एक सिस्टम बंगाल की खाड़ी में एक्टिव हुआ है। इसका असर 24 अक्टूबर के बाद देखने को मिल सकता है। खासकर राज्य के पूर्वी हिस्से के जिलों में गरज-चमक और बादल की स्थिति बन सकती है।