मध्य प्रदेश में मानसून की झमाझम वर्षा के लिए अभी लगभग 5 से 6 दिन तक इंतजार करना पड़ सकता है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है। हालांकि, अलग-अलग स्थानों पर बनी मौसम प्रणालियों के असर से मध्य प्रदेश के दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र में कहीं-कहीं मानसून पूर्व की वर्षा का सिलसिला बना हुआ है। मानसून की एंट्री से पहले गुरुवार को गुना, सीहोर समेत कुछ जिलों में बारिश हुई। मौसम विभाग ने इंदौर, भोपाल समेत कई जिलों में बारिश की संभावना जताई है।
मौसम विभाग ने राजगढ़, गुना, देवास समेत खरगोन, खंडवा के ओंकारेश्वर, इंदौर, अनूपपुर के अमरकंटक में आकाशीय बिजली गिरने के साथ मध्यम तूफान जारी रहने की संभावना जताई है। वहीं प्रदेश का सबसे गर्म शहर सिंगरौली रहा। यहां का अधिकतम तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजधानी भोपाल में दिनभर उमस वाली गर्मी रही, लेकिन तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा।
मौसम विभाग का अलर्ट
आगर, राजगढ़, देवास, खरगोन, सिवनी और अनूपपुर,अमरकंटक में मध्यम गरज के साथ बारिश (60 किमी प्रति घंटे तक की गति वाली हवा) जारी रहने की संभावना है। साथ ही शाम के समय सीहोर, दक्षिण बैतूल, इंदौर,आंध्र प्रदेश, उज्जैन, महाकालेश्वर, पश्चिम गुना, शाजापुर, नीमच, बड़वानी, खंडवा, ओंकारेश्वर, श्योपुर कलां, पश्चिम शिवपुरी, बुरहानपुर, धार, मांडू, डिंडोरी, सीधी, मऊगंज, पूर्वी छिंदवाड़ा, सिंगरौली में हल्की गरज के साथ बारिश होने की संभावना है।
मध्य प्रदेश के सबसे ज्यादा गर्म 10 शहर
| सिंगरौली |
44.8 |
| सीधी |
44.4 |
| रीवा |
44 |
| शहडोल |
43.4 |
| सतना |
42.9 |
| खजुराहो |
42.6 |
| ग्वालियर |
42.3 |
| कटनी |
42.3 |
| उमारिया |
42.3 |
| छतरपुर |
41.7 |
प्रदेश के बड़े शहरों का तापमान
| ग्वालियर |
42.3 |
| जबलपुर |
41.1 |
| इंदौर |
37.6 |
| भोपाल |
37 |
मौसम प्रणालियों के असर से हवाओं के साथ नमी
आईएमडी भोपाल के सीनियर वैज्ञानिक वेद प्रकाश ने बताया कि वर्तमान में हवा का रुख पश्चिमी बना हुआ है। अलग-अलग स्थानों पर बनी इन मौसम प्रणालियों के असर से हवाओं के साथ नमी आने से बादल बने हुए हैं। इस वजह से तापमान में बढ़ोतरी होने की संभावना कम है, लेकिन वातावरण में उमस बढ़ेगी। मौसम लगातार शुष्क बना रहने के कारण ग्वालियर, चंबल, रीवा, शहडोल संभाग के जिलों में अधिकतम तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक बना रहने के आसार हैं। भोपाल, नर्मदापुरम, जबलपुर, इंदौर एवं उज्जैन संभाग के जिलों में कहीं-कहीं वर्षा होने की भी संभावना लगातार बनी हुई है।