सीएम यादव ने मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम
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मध्यप्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ ग्रामीण और वन क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए सरकार होमस्टे को प्रोत्साहित करेगी। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंगलवार को मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम की गतिविधियों की समीक्षा के दौरान पर्यटन, वन और संस्कृति विभाग के बीच बेहतर समन्वय बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में संचालित होमस्टे को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों को पर्यटन से सीधे जोड़ने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने निजी निवेश से जुड़ी पर्यटन परियोजनाओं की अनुमतियों में अनावश्यक देरी नहीं करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अनुमति की पूरी प्रक्रिया त्वरित, सुगम और पारदर्शी हो, ताकि पर्यटन क्षेत्र में निवेश को गति मिल सके। बैठक में बताया गया कि मध्यप्रदेश में पर्यटन को उद्योग का दर्जा देने की प्रक्रिया जारी है। मुख्यमंत्री ने पर्यटन गतिविधियों के विस्तार और निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए विभागों के बीच समन्वय मजबूत करने पर जोर दिया।
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हाईवे पर सुविधा केंद्रों में अस्पताल और पेट्रोल पंप
सीएम ने राष्ट्रीय राजमार्ग, राजमार्ग और ग्रीनफील्ड परियोजनाओं के आसपास विकसित होने वाले मार्ग सुविधा केंद्रों को अधिक उपयोगी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों पर केवल सामान्य सुविधाएं ही नहीं, बल्कि अस्पताल, ट्रॉमा सेंटर, पेट्रोल पंप और इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएं। इन सुविधाओं को पीपीपी मॉडल पर संचालित करने की संभावनाएं तलाशने के निर्देश भी दिए गए हैं। इससे लंबी दूरी के यात्रियों और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
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बड़े शहरों में बनेंगे कन्वेंशन सेंटर
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी बड़े शहरों में निजी निवेश के जरिए कन्वेंशन सेंटर विकसित करने की दिशा में काम करने को कहा। इसके अलावा धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रमुख धार्मिक स्थलों तक पहुंचने वाले मार्गों और वहां की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया।
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कांवड़ यात्रियों के लिए हर 15-20 किमी पर भोजन-प्रसादी
सावन में शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा को देखते हुए मुख्यमंत्री ने यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं के लिए हर 15 से 20 किलोमीटर पर भोजन-प्रसादी और सुविधा केंद्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके लिए धार्मिक संस्थाओं के सहयोग और जनभागीदारी को बढ़ावा देने की बात कही गई है।
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भगोरिया की अभी से शुरू हो ब्रांडिंग
मुख्यमंत्री ने भगोरिया उत्सव को मध्यप्रदेश की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान बताते हुए अगले वर्ष के आयोजन की तारीखें पहले से घोषित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसकी राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक ब्रांडिंग और प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि देशभर से पर्यटकों को आकर्षित किया जा सके।