मालेगांव ब्लास्ट मामले में साध्वी प्रज्ञा समेत सातों आरोपियों को बरी कर दिया है। इसके बाद से भाजपा कांग्रेस पर हमलावर हो गई है। कोर्ट के फैसले पर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि कांग्रेस और दिग्विजय सिंह ने इस्लामिक आतंकवाद पर पर्दा डालने के लिए जानबूझ कर हिंदू आतंकवाद शब्द को गढ़ा था। हिंदू न कभी आतंकवादी था, न है और न होगा। कोर्ट के फैसले के बाद दिग्विजय सिंह समेत पूरी कांग्रेस को हिंदुओं से माफी मांगनी चाहिए।
वहीं मध्यप्रदेश विधानसभा में मंत्री राकेश सिंह ने मालेगांव ब्लास्ट में कोर्ट के फैसले से सभी को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि अभी-अभी मालेगांव ब्लास्ट को लेकर निर्णय आया है, जिन लोगों पर हिंदू आतंकवाद के आरोप लगाए गए थे। उन्हें कोर्ट ने बरी कर दिया। इससे साबित हो गया है कि हिंदू आतंकवाद नाम की कोई चीज़ नहीं है।
मैं जीवित हूं, क्योंकि संन्यासी हूं
वहीं, एनआईए कोर्ट में भोपाल की पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने कहा, "मैंने शुरू से ही कहा है कि जिन लोगों को जांच के लिए बुलाया जाता है, उसके पीछे कोई आधार होना चाहिए। मुझे जांच के लिए बुलाया गया और गिरफ्तार कर प्रताड़ित किया गया। इससे मेरा पूरा जीवन बर्बाद हो गया। मैं एक साधु का जीवन जी रही थी, लेकिन मुझे फंसा दिया गया। कोई भी हमारे साथ खड़ा नहीं हुआ। मैं जीवित हूं, क्योंकि मैं एक संन्यासी हूं। उन्होंने कहा कि एक षड्यंत्र के तहत भगवा को बदनाम किया। आज भगवा और हिंदुत्व की जीत हुई है। जो लोग दोषी हैं उन्हें भगवान सजा देंगे।
कांग्रेस की संकुचित मानसिकता पर करारा प्रहार
सोशल मीडिया पोस्ट एक्स पर सीएम ने लिखा, सत्यमेव जयते मालेगांव विस्फोट प्रकरण में सभी आरोपियों का निर्दोष सिद्ध होना कांग्रेस की संकुचित मानसिकता पर करारा प्रहार है। "हिन्दू आतंकवाद" जैसे नैरेटिव गढ़ने वाली कांग्रेस सदैव याद रखे, हिन्दू कभी आतंकवादी नहीं हो सकता। यह निर्णय सनातन धर्म, साधु-संतों एवं भगवा को अपमानित करने वाले लोगों को कड़ा जवाब है। कांग्रेस को सभी सनातनियों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देनी चाहिए
कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि NIA कोर्ट फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देनी चाहिए। अहमदाबाद मामले में जैसे सरकार सुप्रीम कोर्ट गई वैसे इसमें भी जाना चाहिए। हमने कभी किसी धर्म से आतंकवाद को नहीं जोड़ा। वहीं पूर्व मंत्री सचिन यादव ने कहा कि कोर्ट के फैसले पर कुछ नहीं बोलना चाहिए।
घिनौने शब्द से हिंदू को जोड़ने वालों के मुंह पर लगा ताला
PWD मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि हिंदू को बदनाम करने बड़ा षड्यंत्र किया गया था। हिंदू को आतंकवाद से जोड़ा गया। यह साजिश आज नाकाम हुई। मालेगांव मामले में सभी को दोषमुक्त किया गया। हिंदू और सनातन के खिलाफ माहौल बनाया गया था। आतंक जैसे घिनौने शब्द से हिंदू को जोड़ने वालों के आज मुंह पर ताले लग है। एमपी के संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र लोधी ने कहा कि कांग्रेस का षड्यंत्र था सनातन और हिंदू को बदनाम करना। मुस्लिम तुष्टीकरण के लिए साजिश की गई थी। इस साजिश के पीछे कांग्रेस के कई दिग्गज नेता थे। आज सच, सनातन और हिंदू की जीत हुई। कांग्रेस और कांग्रेस की साजिश और झूठ हार गया।
गांधी के हत्यारों की तारीफ, देश की सोच नहीं
कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने कहा कि आतंकवादी आतंकवादी होता है, उसमें भगवा कहना गलत है। मेरी निजी सोच है कि जो लोग गोडसे का समर्थन करते हैं, कम से कम लोकतंत्र में उनके लिए हमारे दिल में कोई जगह नहीं है। साध्वी प्रज्ञा कई बार गांधी जी के हत्यारों की तारीफ कर चुकी हैं, जो हमारे देश के सोच के विपरीत है।
कोर्ट के फैसले से सत्य की जीत हुई
मध्यप्रदेश के तकनीकी शिक्षा मंत्री गौतम टेटवाल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता राष्ट्रीय विचारधारा का कार्यकर्ता है और न्यायालय पर भरोसा करता है। दूध का दूध और पानी का पानी हो गया है। हमारी साध्वी प्रज्ञा ठाकुर पर तथाकथित सरकारों द्वारा झूठे मुकदमे लगाए थे। कोर्ट के फैसले से सत्य की जीत हुई।
सुनियोजित षड्यंत्र में फंसाया गया
पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक उषा ठाकुर ने विधानसभ में कहा कि सत्य की जीत हुई है। प्रज्ञा जी ने जो कष्ट सहे उन पर आज न्याय मिला। हम जानते थे कि उन्होने अपराध नहीं किया है और सुनियोजित षड्यंत्र के तहत फंसाया गया है तो एक दिन सभी बाइज्जत बरी होंगे।
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