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मध्यप्रदेश: एक कचौड़ी, दो समोसा’ नारे पर केंद्रीय मंत्री शिवराज का सवाल- आखिर ऐसी नौबत क्यों आई?

Sat, 03 Oct 2026 11:24 PM IST
Anand Pawar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

भोपाल में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोशल मीडिया पर चल रहे ‘एक कचौड़ी, दो समोसा’ नारे का जिक्र किया। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर बेटियों को ऐसा नारा लिखने की जरूरत क्यों पड़ी। शिवराज ने पुरुषों, बेटों और माता-पिता से आत्ममंथन करने की अपील की और कहा कि बेटियों की सुरक्षा व सम्मान पूरे समाज की जिम्मेदारी है।
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केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भोपाल में ‘नवगति’ एजुकेशन स्कॉलरशिप कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे ‘एक कचौड़ी, दो समोसा, इन मर्दों का क्या भरोसा’ नारे का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह सोचने की जरूरत है कि आखिर बेटियों को ऐसा नारा लिखने की जरूरत क्यों पड़ी। शिवराज ने कहा कि अगर बेटियां पुरुषों पर भरोसा नहीं करेंगी तो समाज और देश आगे कैसे बढ़ेगा। उन्होंने पुरुषों के साथ बेटों और उनके माता-पिता से भी इस मुद्दे पर आत्ममंथन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बेटियों की सुरक्षा और सम्मान सिर्फ उनके परिवार की जिम्मेदारी नहीं है। पूरे समाज को इसके लिए जिम्मेदारी निभानी होगी। शिवराज के मुताबिक, कई बार बेटियों को गलत नजर से देखने वाले लोग अनजान नहीं, बल्कि उनके परिचित ही होते हैं। उन्होंने कहा कि यह नारा कभी सफल और सार्थक नहीं होना चाहिए। उन्होंने नारी को मां और बेटी को देवी के समान बताते हुए उनके सम्मान और सुरक्षा के लिए हरसंभव प्रयास की बात कही।
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‘ड्राइवर सिर्फ ट्रक नहीं, देश और लोगों की जिंदगी चलाते हैं’
कार्यक्रम में शिवराज ने ड्राइवरों के बच्चों के लिए शुरू की गई छात्रवृत्ति योजना की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि ड्राइवर लंबे समय तक परिवार से दूर रहकर देश के अलग-अलग हिस्सों में सामान पहुंचाते हैं और अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि ड्राइवर केवल ट्रक नहीं चलाते, बल्कि किसान की उपज मंडी तक पहुंचाने, निर्माण सामग्री ले जाने और बच्चों को स्कूल व मरीजों को अस्पताल पहुंचाने जैसे कामों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। 
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12वीं तक बच्चों को मिलेगी छात्रवृत्ति
शिवराज ने बताया कि कक्षा 8वीं से 10वीं तक 60 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों को सालाना 4 हजार रुपए की छात्रवृत्ति दी जाएगी। 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को 4,500 रुपए मिलेंगे। 90 प्रतिशत से ज्यादा अंक लाने वाले विद्यार्थियों को 5 हजार रुपए की छात्रवृत्ति देने की बात भी कही गई। उन्होंने बच्चों से पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन करने की अपील की। साथ ही कहा कि उनकी पढ़ाई और भविष्य से संबंधित जानकारी का रिकॉर्ड रखा जाएगा, ताकि जरूरत के समय आगे भी मदद की जा सके। 

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‘पढ़ाई के बाद रोजगार में भी मामा साथ खड़ा रहेगा’
शिवराज ने कहा कि बच्चों की मदद सिर्फ छात्रवृत्ति तक सीमित नहीं रहेगी। उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र में चल रही ‘मामा कोचिंग क्लास’ का जिक्र करते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निशुल्क कोचिंग उपलब्ध कराने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन पढ़ाई, कौशल विकास और रोजगार से जोड़ने पर भी काम किया जा रहा है। उद्देश्य यह है कि प्रशिक्षण के बाद बच्चे रोजगार या स्वरोजगार के जरिए अपने पैरों पर खड़े हो सकें।

भारतीय खिलाड़ियों की उपलब्धियों का किया जिक्र
शिवराज ने भारतीय खिलाड़ियों की उपलब्धियों की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि देश के बेटे-बेटियां लगातार भारत का गौरव बढ़ा रहे हैं। क्रिकेट में पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय टीम की जीत और एशियन गेम्स में खिलाड़ियों के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए उन्होंने महिला हॉकी टीम की उपलब्धि की भी सराहना की।

घायल पायलट के साहस का भी किया जिक्र
उन्होंने एक विमान हादसे का उल्लेख करते हुए घायल पायलट के साहस की तारीफ की। शिवराज ने कहा कि चोट लगने के बावजूद पायलट ने हिम्मत नहीं खोई और हनुमान चालीसा का पाठ करते हुए विमान को सुरक्षित उतारकर यात्रियों की जान बचाई।
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