राजधानी भोपाल में गुरुवार को मोहन सरकार का 6 घंटे तक चले मंथन में 2025 का रोडमैप तैयार किया गया। इस दौरान सीएम ने कहा कि रोजगार पाने वाले भी बेरोजगारों की कैटेगरी में शामिल रहते हैं, इस विसंगति को दूर करने का काम किया जाए। सीएम ने कहा कि युवा, गरीब, महिला और किसान- इन चार प्रमुख वर्गों के कल्याण के लिए प्राथमिकता पर काम किए जाएंगे। इसके लिए जल्द चार मिशन काम करेंगे। इस तरह की बैठकें अब विभाग स्तर पर की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश का बजट पांच साल में दोगुना करने का प्रयास है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी में मध्यप्रदेश आने की सहमति दी है।
बैठक में इन मंत्रियों ने रखे सुझाव
मंथन शिविर में प्रेजेंटेशन के बाद उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ल, नगरीय विकास मंत्री एवं आवास कैलाश विजयवर्गीय, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री संपतिया उइके, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया, खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य काश्यप, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल आदि ने सुझाव रखे।
मेडिकल टूरिज्म का करेंगे प्रयास
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए मध्यप्रदेश सरकार निरंतर प्रयास करेगी। प्रदेश में अस्पतालों में वरिष्ठ रोगियों को सम्मान और सुविधा प्राप्त हो, इस दृष्टि से उनकी पृथक पंक्ति और बैठक का प्रबंध किया जाएगा। प्रदेश में चिकित्सा सुविधाओं ओर चिकित्सा शिक्षा संस्थाओं की संख्या निरंतर बढ़ रही है। प्रदेश में मेडिकल टूरिज्म की दृष्टि से भी प्रयास किए जाएंगे। प्रदेश में 30 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। आने वाले एक वर्ष में इनकी संख्या 50 से अधिक हो जाएगी। पांच नए आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज प्रारंभ करने की पहल हुई है और शीघ्र ही प्रदेश में इनकी संख्या 60 हो जाएगी। प्रदेश में 55 जिले हैं, जिलों से इससे अधिक मेडिकल कॉलेज प्रदेश में हो जाएंगे, जिससे मध्यप्रदेश चिकित्सा का हब भी बनेगा।
ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट में आएंगे पीएम
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश को औद्योगिक हब बनाने के लिए रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की जो शुरूआत की गई, उसके सफल परिणाम मिल हैं। उन्होंने बतायया कि प्रधानमंत्री फरवरी 2025 में भोपाल में होने वाली ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट में आयेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योगों को भूमि प्रदान करने के लिए उदार नीति का पालन करते हुए अधोसंरचना विकास के प्रयास बढ़ाए जाएंगे। उद्योग स्वयं विभिन्न विकास कार्यों को आवंटित भूमि के अनुसार क्रियान्वित करेंगे, इससे राज्य की अपनी सम्पदा के विकास और सुविधाओं में वृद्धि संभव होगी।
एक वर्ष में प्रगति के नए आयाम स्थापित किए
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. अटल जी की 100वीं जयंती पर खजुराहो में 25 दिसम्बर को केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना के भूमि-पूजन के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मध्यप्रदेश ने एक वर्ष में प्रगति के नए आयाम स्थापित किए हैं। मध्यप्रदेश के पर्यटन की उन्होंने सराहना की और विश्व के 10 बड़े पर्यटन संभावनाओं से भरे क्षेत्रों में मध्यप्रदेश के शामिल होने का विशेष उल्लेख किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार प्रधानमंत्री मोदी जी द्वारा किए गए मध्यप्रदेश के इस विशेष उल्लेख का सदैव सम्मान करेगी। मध्यप्रदेश पर्यटन सहित विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ेगा।
बैठक की प्रमुख बातें
-मंथन शिविर में मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने क्या कहा टीम भावना से कार्य करने का प्रयास आवश्यक है।
-युवा, महिला, किसान और गरीब कल्याण पर आज मंथन हुआ है।
-मंथन शिविर मंत्रीगण और विभागों को कार्यों से यश-प्राप्ति का अवसर भी है।
-प्रदेश का बजट पांच वर्ष में दोगुना करने का प्रयास है।
-इस मंथन बैठक के बाद आगामी मंथन विभागीय स्तर पर होगा।
-ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में प्रधानमंत्री श्री मोदी जी ने फरवरी माह में मध्यप्रदेश आने की सहमति दी है। यह समिट अपेक्षा से अधिक सफल होगी।
-मंत्रीगण पूरे वर्ष के कार्यों की समीक्षा करें।
-विभाग स्तर की समीक्षा से यह ज्ञात होगा कि किस क्षेत्र में प्रयास बढ़ाने हैं।
-समान स्वरूप के कार्य विभाग किस तरह संयुक्त रूप से कर सकते हैं, यह विचार-विमर्श भी किया गया है।
-कुपोषण कम करने के अभियान और 23 जिलों में टीबी नियंत्रण के अभियान सफल हों, ऐसे प्रयास हों।
-मंत्री एवं वरिष्ठ अधिकारी पूर्व की महत्वपूर्ण घोषणाओं और निर्णयों के क्रियान्वयन पर ध्यान दें।
-सायबर अपराध नियंत्रण के प्रयास बढ़ाने की आवश्यकता है, इसके लिए निर्धारित रणनीति के अमल पर ध्यान दिया जाए।
-मध्यप्रदेश राज्य परिवहन निगम को प्रदेश में पुन: प्रारंभ करने के संबंध में प्रक्रिया प्रारंभ की गई है।
-नगरों के विकास के लिए टियर-2 और टियर 3 श्रेणी के अनुसार आबादी के आधार पर अधोसंरचना विकास के लिए भारत सरकार से अधिकतम सहयोग प्राप्त करने के लिए भी मार्ग निकाले जा रहे हैं।
-वृंदावन ग्राम और नगरों में गीता भवनों की योजना को शीघ्र क्रियान्वित किया जाएगा।
-श्री कृष्ण पाथेय के विकास और राम वन गमनपथ के कार्यों को गति दी जाएगी।
-दीर्घ अवधि की योजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं। सिंहस्थ-2028 के आयोजन में भी आश्रमों को स्थाई रूप से भूमि दिए जाने के निर्णय से उज्जैन में आवश्यक सुविधाएं बढ़ेंगी।
-वर्ष-2025 उद्योग वर्ष होगा। नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में मंत्रीगण ऐसा कार्य कर दिखाएं जिससे किसानों का विद्युत देयक शून्य हो जाए। सौर ऊर्जा संचालित पम्पों की स्थापना को प्राथमिकता दी जाए।
-अस्पतालों में बुजुर्ग नागरिकों को सम्मान और सुविधा मिले इसके लिए उनकी पृथक पंक्ति हो ऐसी व्यवस्था करने पर विचार हुआ है।
-उद्योगों में रात्रिकालीन शिफ्ट को सुरक्षा और सुव्यवस्था के साथ लागू करने पर चर्चा हुई।