आगर मालवा में अघोषित बिजली कटौती के विरोध में प्रदर्शन और ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर
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प्रदेश में रबी सीजन से पहले बिजली की उपलब्धता को लेकर सरकार तैयारी कर रही है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में बिजली कटौती की शिकायतें सामने आ रही हैं। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने अधिकारियों को किसानों के लिए पर्याप्त बिजली सुनिश्चित करने और सिंचाई के लिए दिन में बिजली देने की व्यवस्था पर ध्यान देने के निर्देश दिए। दूसरी ओर, आगर मालवा में अघोषित कटौती से परेशान ग्रामीण सड़क पर उतर आए, जबकि धार जिले के मनावर क्षेत्र में विधायक डॉ. हीरालाल अलावा ने बिजली कटौती पर रोक लगाने के लिए कलेक्टर को पत्र लिखा है। वहीं, मंदसौर के सुवासरा से भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री हरदीप सिंह डंग ने मुख्यमंत्री को अघोषित बिजली कटौती से किसानों और ग्रामीणों की परेशानी को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखा और मुख्यमंत्री से मुलाकात भी की।
बिजली संकट की स्थिति ऐसे समय सामने आई है, जब रबी सीजन में खेतों की सिंचाई के लिए बिजली की मांग बढ़ने वाली है। ऐसे में बिजली की उपलब्धता के सरकारी दावों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में आपूर्ति की नियमितता भी अहम हो गई है। आगर मालवा जिले के तनोडिया और पालखेड़ी गांव के ग्रामीण अघोषित बिजली कटौती से परेशान होकर सड़क पर उतर आए। सोमवार रात इंदौर-कोटा नेशनल हाईवे पर पीपलोंन माताजी रोड चौराहे के पास ग्रामीणों ने चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीण सड़क पर बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ करने लगे। इससे हाईवे पर वाहनों की कतारें लग गईं और यातायात प्रभावित हुआ। ग्रामीणों का आरोप है कि नवरात्रि के दौरान रात करीब आठ बजे, जब मंदिरों में आरती होती है, तब बिजली बंद कर दी जाती है। इससे पूजा-पाठ और धार्मिक कार्यक्रमों में परेशानी होती है। पालखेड़ी के ग्रामीणों ने भी बिजली कटौती से सिंचाई और रोजमर्रा के काम प्रभावित होने की शिकायत की। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। बिजली विभाग के अधिकारियों ने बिजली व्यवस्था में सुधार का लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद रात करीब 10 बजे ग्रामीणों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया और यातायात बहाल हुआ।
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मनावर में भी कटौती से रोष
धार जिले के मनावर विधानसभा क्षेत्र में भी बिजली कटौती को लेकर शिकायतें सामने आई हैं। विधायक डॉ. हीरालाल अलावा ने कलेक्टर राजीव रंजन मीना को पत्र लिखकर लोड सेटिंग के नाम पर बार-बार हो रही कटौती पर रोक लगाने की मांग की है। विधायक के मुताबिक, ग्रामीण इलाकों में बिना पूर्व सूचना बिजली बंद किए जाने से ग्रामीणों, विद्यार्थियों, किसानों और छोटे व्यापारियों को परेशानी हो रही है। बिजली आपूर्ति बाधित होने से विद्यार्थियों की पढ़ाई, कृषि कार्य और कारोबार प्रभावित होते हैं। उन्होंने विद्युत विभाग को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश देने की मांग की है।
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पूरी क्षमता से चलाएं बिजली संयंत्र : मंत्री
प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने मंत्रालय में विभागीय योजनाओं की समीक्षा के दौरान बिजली कंपनियों के अधिकारियों को रबी सीजन के लिए पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बिजली की मांग का पहले से आकलन कर आपूर्ति की योजना बनाई जाए और अधिकारी जनप्रतिनिधियों से लगातार संपर्क में रहें, ताकि बिजली से जुड़ी समस्याओं की जानकारी मिलती रहे। मंत्री ने बिजली उत्पादन कंपनियों को सभी संयंत्रों को पूरी क्षमता से चलाने और कोयले की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में पावर जनरेशन कंपनी के एमडी मंजीत सिंह ने बताया कि प्रदेश के बिजली संयंत्रों में कोयले का पर्याप्त भंडार है। किसानों को सिंचाई के लिए दिन में बिजली उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। इससे पहले 30 सितंबर को हुई समीक्षा बैठक में भी ऊर्जा मंत्री ने रबी सीजन के लिए बिजली की पर्याप्त व्यवस्था करने और उत्पादन संयंत्रों की क्षमता के अनुसार बिजली उत्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे।
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