मध्य प्रदेश के पूर्व वित्त मंत्री जयंत मलैया के बेटे सिद्धार्थ मलैया की भाजपा में वापसी हो गई। गुरुवार सुबह भोपाल में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव, प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा, संगठन मंत्री हितानंद शर्मा की मौजूदगी में सिद्धार्थ ने पार्टी की सदस्यता ली। उनके साथ ही पांच मंडल अध्यक्ष की भी वापसी हुई है।
बता दें, दमोह के विधानसभा उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी राहुल सिंह को 17,000 वोटों से हार का सामना करना पड़ा था और कांग्रेस प्रत्याशी अजय टंडन चुनाव जीते थे। राहुल सिंह ने हार के लिए मलैया परिवार को जिम्मेदार ठहराया था और पार्टी विरोधी गतिविधियों का आरोप लगाया था। इसके बाद संगठन ने कार्रवाई करते हुए पूर्व वित्त मंत्री जयंत मलैया को नोटिस जारी किया था और उनके बेटे सिद्धार्थ मलैया सहित पांच मंडल अध्यक्ष को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया था। पूर्व वित्तमंत्री और उनके बेटे के साथ सभी ने अपना जवाब प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा को दिया था, लेकिन सिद्धार्थ की वापसी नहीं हुई।
टीएसएम के कारण नपा में कांग्रेस काबिज हुई
इसके बाद लगातार कयास लगाए जा रहे थे कि सिद्धार्थ की घर वापसी होगी, लेकिन ऐसा संभव नहीं हुआ और नगर पालिका चुनाव के दौरान सिद्धार्थ ने भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। जिसके बाद शहर के 31 वार्ड में उनके समर्थकों ने टीएसएम के बैनर तले चुनाव लड़ा था, जिसमें से पांच प्रत्याशी पार्षद पद का चुनाव भी जीते थे और इसी के चलते दमोह में भाजपा की नगरपालिका परिषद नहीं बन पाई थी और कांग्रेस यहां काबिज हो गई थी। लगातार भाजपा को दमोह में हार का सामना करना पड़ रहा था। जिला पंचायत में भी भाजपा हार गई थी, इसके अलावा हटा नगर पालिका जहां पर भाजपा का कब्जा था, वहां भी कांग्रेस ने अपना कब्जा जमाया था।
राव ने दिए थे वापसी के संकेत
दो दिन पूर्व ही मध्य प्रदेश भाजपा प्रभारी मुरलीधर राव जब दमोह आए थे, तब उन्होंने कहा था कि पुराने साथियों को वापस लाकर दमोह सीट 100 फीसदी जीतेंगे और 51 प्रतिशत वोट शेयर भी लेंगे। जिससे लगने लगा था कि पार्टी अपने पुराने कार्यकर्ताओं की हर हाल में वापसी करेगी और 2023 विधानसभा चुनाव के पहले समीकरण बदलेंगे। गुरुवार को ये हुआ भी, जब सिद्धार्थ सहित पांचों मंडल अध्यक्ष की वापसी हो गई। इसके अलावा उन लोगों की वापसी की जाएगी, जिन्होंने नगर पालिका चुनाव के दौरान पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया था। सिद्धार्थ मलैया की भाजपा में वापसी के बाद सोशल मीडिया पर उनके समर्थक काफी खुशी मना रहे हैं और लिख रहे हैं कि एक ना एक दिन तो यह होना ही था।
वहीं, सिद्धार्थ मलैया ने अपनी वापसी पर कहा कि पार्टी का आभार कि मुझे दोबारा मौका दिया। सिद्धार्थ मलैया के साथ ही भाजपा के पूर्व पांच मंडल अध्यक्ष मनीष तिवारी, अभिलाष हजारी, अजय सिंह, संतोष रोहित, देवेंद्र राजपूत की भी घर वापसी हो गई है।
क्या गिर सकती है नपा में कांग्रेस की सरकार
सिद्धार्थ मलैया की वापसी के साथ ही टीएसएम का विलय भी भाजपा में हो गया है। टीएसएम के पांच पार्षद दमोह नगर पालिका में जीते हैं। अब इसके बाद यह कयास लगाए जा रहे हैं, नगर पालिका में कांग्रेस की सरकार गिर सकती है, क्योंकि ऐसा बताया जाता है कि इन पांच पार्षदों ने अध्यक्ष चुनाव के समय कांग्रेस का समर्थन किया था और अब यह लोग भाजपा में शामिल हो गए। अभी दमोह नगर पालिका में भाजपा 14, कांग्रेस 17, टीएमस 5 और 3 निर्दलीय पार्षद हैं।