मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कमलनाथ ने अपने गढ़ छिंदवाड़ा में बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की दिव्य राम कथा कराई। अब पंडित प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा की तैयारी कर रहे हैं। इन कथाओं को लेकर वह न केवल भाजपा बल्कि अपनी पार्टी के नेताओं और केंद्र में गठबंधन सहयोगियों के भी निशाने पर हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को कहा था कि कमलनाथ चुनावी हिंदू हैं। इस पर कमलनाथ भड़क गए। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि प्रदेश को जन भक्त सरकार चाहिए, घोषणा और भ्रष्टाचार भक्त नहीं।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को कहा था कि कांग्रेस कंफ्यूज है और कई चीजों के लिए मजबूर है। जो लोग कभी राम भगवान का नाम लेने से परहेज करते थे, काल्पनिक मानते थे। आज वो कथाएं करा रहे हैं और हनुमान चालीसा का पाठ करा रहे है। अब यह करने के लिए मजबूर है क्योंकि चुनाव आ रहे हैं। यह कांग्रेस की चुनावी भक्ति है। उनके अंदर ही अंदर अंतर्द्वंद मचा है। कमलनाथ जी सोच रहे हैं, मैं इधर जाऊं या उधर जाऊं; बड़ी मुश्किल है किधर जाऊं? अब तो उनके एक नेता ने ही कह दिया है, कि मुख्यमंत्री कौन बनना चाहिए? उनके तो नेता होने पर ही सवाल खड़े हो रहे हैं। अब मुझे लग रहा है कि वह नेता का दावा पुख्ता करने के लिए कथाओं के आयोजन में भी लग गए है।