मध्य प्रदेश के यूसीसी कानून को मुस्लिमों के साथ मंथन करने भोपाल आए एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी जमकर गरजे। उन्होंने भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा के काजी कैंप को लेकर दिए मिसाइल वाले बयान पर भी पलटवार किया। ओवैसी ने चुनौती देते हुए कहा कि अगर हिम्मत है तो काजी कैंप आकर मिसाइल लॉन्च करके दिखाओ। उन्होंने कहा कि वह अकेले काजी कैंप में खड़े होने और शहीद होने के लिए तैयार हैं, लेकिन रामेश्वर शर्मा जैसे लोगों के सामने सिर नहीं झुकाएंगे। सेंट्रल लाइब्रेरी के ग्राउंड में आयोजित सभा में ओवैसी ने कहा कि यहां बड़ी संख्या में लोगों का एकत्र होना यह संदेश है कि वे यूसीसी के कानून को मुसलमानों और बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान के खिलाफ मानते हैं। संपत्ति के अधिकारों का जिक्र करते हुए ओवैसी ने कहा कि इस्लाम में बेटे और बेटियों दोनों को विरासत में हिस्सा मिलता है। उन्होंने कहा कि बेटे का हिस्सा अधिक होने के पीछे उसकी पारिवारिक जिम्मेदारियां बताई गई हैं। उनके मुताबिक मुस्लिम महिला को भी परिवार के अलग-अलग रिश्तों के जरिए संपत्ति में अधिकार मिल सकता है।
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काजी कैंप का इतिहास बताया
ओवैसी ने भोपाल के काजी कैंप के इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि यहां आजादी की लड़ाई में योगदान देने वाले लोग रहे हैं। उन्होंने काजी सैयद आबेद अली, वाजिद अली हुसैनी, खान शाहिद अली खान, वाजिल मोहम्मद खान, अब्दुल खान, शेख रमजान, सादाद खान और रिसालदार वली शाह समेत कई नाम गिनाए। ओवैसी ने आरोप लगाया कि यूसीसी के जरिए आरएसएस का एजेंडा आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे संविधान के अनुच्छेद 26 और 29 प्रभावित होते हैं। ओवैसी ने कहा कि अगर हिंदुओं को उनके धार्मिक रीति-रिवाज और परंपराओं की छूट मिलती है तो मुसलमानों को भी यह अधिकार मिलना चाहिए।
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