मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि अपराध चाहे जैसे भी हों, पुलिस को हर हाल में तुरंत और सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने यह बात मंगलवार शाम मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर हुई उच्चस्तरीय बैठक में कही। बैठक में वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ-साथ नक्सल प्रभावित जिलों के कलेक्टर्स व पुलिस अधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश अपराध नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था के मामले में देश में अग्रणी है। इस स्थिति को और बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि शहरों में स्टंटबाजी, हथियार लहराना, गौ-वंश पर अत्याचार और नशे से जुड़े अपराधों पर विशेष ध्यान दिया जाए और ऐसे तत्वों पर कड़ी कार्रवाई हो।
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नक्सल क्षेत्रों में सुरक्षा के साथ विकास भी हो
मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल प्रभावित इलाकों में सिर्फ सुरक्षा नहीं, बल्कि जनकल्याण की योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन भी जरूरी है। इन क्षेत्रों में विश्वास की भावना मजबूत करनी है और अविश्वास को पूरी तरह समाप्त करना है। विकास और सुरक्षा दोनों को प्राथमिकता दी जाए। बैठक में बताया गया कि बालाघाट जिले में हाल ही में नक्सलियों के खिलाफ प्रभावी अभियान चलाया गया, जिसमें 14 जून को 4 माओवादी ढेर किए गए और कई हथियार जब्त किए गए। वहीं 19 जुलाई को बालाघाट के लांजी क्षेत्र में माओवादियों से मुठभेड़ में कम्प्यूटर टैबलेट, दूरबीन और अन्य सामग्री बरामद की गई।
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जनकल्याण योजनाओं पर विशेष जोर
बालाघाट, मंडला और डिंडोरी के कलेक्टर्स ने बताया कि नक्सल प्रभावित गांवों में हर सप्ताह जनसेवा शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। वनाधिकार प्रमाण-पत्र, एकल सुविधा केंद्रों के जरिए योजनाओं का लाभ और मिलेट्स वितरण जैसे कार्यक्रमों को सक्रिय रूप से लागू किया जा रहा है। बालाघाट में तेंदूपत्ता संग्राहकों को मानदेय भुगतान और जनजातीय नृत्य समूहों को वाद्ययंत्र व पोशाक वितरित की गई हैं।
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एनीमिया की पहचान के लिए शिविर लगाए
मंडला जिले में सिकल सेल एनीमिया की पहचान के लिए शिविर लगाए गए हैं और कोदो-कुटकी के उत्पादन को दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। डिंडोरी में वनाधिकार अधिनियम के तहत आवेदन परीक्षण और कार्रवाई हो रही है। जबलपुर कमिश्नर ने बताया कि महिला बाल विकास, स्वास्थ्य और खाद्य विभाग की योजनाएं प्रभावी रूप से संचालित की जा रही हैं। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि कानून व्यवस्था का स्तर ऊंचा रखने और जनता के विश्वास को मजबूत करने के लिए पूरी व्यवस्था को सतर्क रहना होगा।
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सीएम ने दिए यह निर्देश -
- अपराध कैसे भी हों पुलिस का त्वरित एक्शन होना चाहिए।
- नवीन आपराधिक कानून के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश आगे है। भारत सरकार ने भी मध्यप्रदेश की प्रशंसा की है। इस स्थिति को हमेशा बनाए रखने के प्रयास हों और इसे उच्च स्तर पर पहुंचाने का प्रयास हो।
- ई साक्ष्य से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम सराहनीय हैं। ई-समन में भी प्रगति अच्छी है। इन उपलब्धियों को और बेहतर बनाया जाए।
- सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग अपराध नियंत्रण कार्यों में हो रहा है। नवीन तकनीक का पूरा उपयोग करें। प्रदेश के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास के सभी कार्य पूर्ण करें।
- नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हितग्राही मूलक योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन हो। विभिन्न योजनाओं में शत प्रतिशत लक्ष्य पूर्ति के प्रयास हों।
- नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में मोबाइल टॉवर स्थापित करने जैसे कार्यों को तेजी से पूर्ण किया जाए। इस तकनीक की मदद से नक्सल विरोधी अभियान में अधिक अच्छे परिणाम आएंगे।
- वनाधिकार प्रमाण-पत्र से संबंधित आवश्यक कार्रवाई जरूरतमंद क्षेत्रों में पूर्ण की जाएं।