महिला सशक्तिकरण का परचम देशभर में लहराता दिखाई दे रहा है। जहां हर क्षेत्र में महिलाओं की समान भागीदारी दिखाई दे रही है, वहीं अब हजयात्रा में भी महिलाओं को स्वतंत्र रूप से सऊदी अरब जाने की अनुमति मिल गई है। इस साल हजयात्रा पर बिना मेहरम (बिना पुरुष साथी के) हज पर जाने वाली महिलाओं में मप्र की 34 महिलाएं भी शामिल रहेंगी।
जानकारी के मुताबिक हज-2025 हेतु मध्य प्रदेश की ऐसी महिलाएं, जिनके मेहरम हज-2025 में सफल घोषित हो चुके हैं और उन्होंने हज कमेटी ऑफ इण्डिया द्वारा जारी मेहरम प्रकरण के अंतर्गत आवेदन किया था। जिसके अतंर्गत हज-2025 हेतु मेहरम श्रेणी में हज कमेटी ऑफ इंडिया को कुल 739 महिलाओं के आवेदन प्राप्त हुए थे। जिनमें से कुल 711 आवेदन पात्र पाए गए। उक्त प्राप्त पात्र आवेदनों की संख्या 500 से अधिक होने कारण हज कमेटी ऑफ इंडिया द्वारा Random Digital Selection (RDS) / कुर्रा के माध्यम से 500 महिला आवेदकों का चयन कर सूची जारी की गई है। जिनमें मध्यप्रेदश की 34 महिला आवेदकों का चयन हुआ है।
एक साथ भरना है किश्तें
इन चयनित महिला आवेदकों को पहली एवं दूसरी किश्त की कुल राशि 2 लाख 72 हजार 300 रुपए जमा करना पड़ेगी। हज कमेटी ऑफ इंडिया की वेबसाइट https://hajcommittee.gov.in पर उपलब्ध सुविधाओं के माध्यम से अंतिम तारीख 30 दिसंबर तक ऑफलाईन अथवा ऑनलाईन जमा करने के लिए कहा गया है। इसके बाद ऑनलाइन हज आवेदन फॉर्म मय दस्तावेज, मूल अंतर्राष्ट्रीय पासपोर्ट की प्रति स्व-हस्ताक्षरित, पे-इन-स्लिप/ऑनलाइन रिसिप्ट एक जनवरी तक मध्य प्रदेश राज्य हज कमेटी कार्यालय में जमा करना है।
आवेदन तारीख भी बढ़ी
मप्र राज्य हज कमेटी अध्यक्ष रफत वारसी ने बताया कि हज कमेटी ऑफ इण्डिया से प्राप्त जानकारी अनुसार हज-2025 हेतु हज यात्रियों को ट्रेनिंग देने के लिए चयन करने हेतु आवेदन आमंत्रित करने की अंतिम तिथि 13 दिसंबर को बढ़ाकर 22 दिसंबर कर दी गई है।
एक राहत यह भी
रफत वारसी ने बताया कि हज कमेटी ऑफ इण्डिया से प्राप्त जानकारी अनुसार हज-2025 के प्रतीक्षा सूची में चयनित हज यात्रियों द्वारा हज राशि की पहली एवं दूसरी किश्त के रूप में प्रति हज यात्री राशि 2 लाख, 72 हजार 300 रुपए जमा करने की आखिरी तारीख में इजाफा किया गया है। साथ ही पूर्व से प्रोवीज़नल चयनित हज यात्रियों हेतु शेष हज राशि की दूसरी किश्त के रूप में प्रति हज यात्रि राशि 1 लाख, 42 हजार रुपए जमा करने की अंतिम तारीख भी अब 30 दिसंबर तक बढ़ा दी गई है। पूर्व में इसके लिए 16 दिसंबर तक की तारीख तय की गई थी।